दिल्ली के सभी जिले रेड जोन में, सरकार बोली- लॉकडाउन में नहीं दी जाएगी ढील – Lock down corona virus delhi will remain in red zone till 17th may no relaxation for the next two weeks

  • दिल्ली आगे भी रेड जोन में रहेगा
  • कोटा से छात्रों की वापसी पर हो रही बात

लॉकडाउन के तीसरे चरण में देश को तीन जोन में बांटा गया है. जोन के हिसाब से लॉकडाउन में राहत भी दी गई है. राजधानी दिल्ली को रेड जोन में रखा गया है. इसलिए यहां तीसरे लॉकडाउन (4 मई से 17 मई तक) के दौरान किसी भी इलाके में कोई ढील नहीं दी जाएगी. क्योंकि जिलों के आधार पर इलाकों को बांटा गया है.

दिल्ली सरकार ने इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली के सभी जिले 17 मई तक रेड जोन में ही रहेंगे. स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि अगले दो हफ्तों तक इन सभी इलाकों में किसी प्रकार की ढील नहीं देने का विचार किया गया है. हमलोग दूसरे राज्यों से भी बात कर रहे हैं, जिस राज्य के नागरिकों को वापस भेजना है वो स्पेशल ट्रेन के लिए अनुरोध करेंगे. हम अपनी तरफ से मेडिकल सहयोग देंगे.

उन्होंने आगे कहा, कोटा में पढ़ाई कर रहे छात्रों की वापसी पर हमलोग बात कर रहे हैं. हमने कोटा के लिए बस भेजी है. जैन ने कहा, आजादपुर मंडी में 24 घंटे काम कर किया जा रहा है जिससे कि वहां एकसाथ ज्यादा लोग इकट्ठा ना हों. प्लाज्मा थेरेपी के पहले मरीज डिस्चार्ज हो गए हैं, जो हमारे लिए अच्छी बात है.

दिल्ली में संक्रमितों के आंकड़े 4 हजार के करीब

बता दें, दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 223 नये मामले सामने आने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के कुल मामले बढ़ कर 3,738 हो गये हैं. सरकार ने यह भी बताया कि यहां दो और लोगों की मौत हुई और कोविड-19 से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर अब 61 हो गई है.

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जाहिर है शुक्रवार को केंद्र सरकार ने एहतियातन लॉकडाउन आगे जारी रखने का ऐलान किया है. इस बार गृह मंत्रालय की तरफ से एक दिशा-निर्देश जारी किया गया है जिसमें बताया गया है कि अगले दो हफ्तों तक लॉकडाउन जारी रहेगा. यह निर्देश 4 मई से 17 मई तक के लिए है.

गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन की विस्तारित अवधि के दौरान जोखिम के आधार पर जिलों को ‘रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन’ में बांट कर गतिविधियों के नियमन के लिये नये दिशानिर्देश जारी किये हैं.

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तीन जोन में बांटे गए हैं इलाके

सरकार ने लॉकडाउन को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जिले का वर्गीकरण रेड, ऑरेंज और ग्रीन तीन जोन में किया है. ग्रीन जोन में वे जिले आते हैं, जहां अब तक कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं है या पिछले 21 दिनों से किसी नए मामले की पुष्टि नहीं हुई है.

रेड जोन के अंतर्गत आने वाले जिले को ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में जाना जाता है, जहां नए मामले सामने आए हैं, जो पुष्ट मामलों की संख्या, मामलों के दोगुना होने की दर और जांच के स्तर के आधार पर निर्धारित किया जाता है. ऑरेंज जोन में वैसे जिले आते हैं जो कि ग्रीन या रेड जोन के अंतर्गत नहीं आते हैं.

राज्यों को कोविड-19 संक्रमण की सीमा के आधार पर बाद में अन्य जिलों को भी रेड जोन या ऑरेंज जोन में डालने की अनुमति दी गई है.

रेडजोन में पाबंदी और राहत

रेडजोन में कुछ पाबंदियों के साथ कुछ गतिविधियों को इजाजत दी गयी है जिनमें व्यक्तियों और वाहनों की सीमित गतिविधियां शामिल है. चार पहिया वाहन में ड्राइवर के अलावा अधिकतम दो लोग और दोपहिया वाहन पर बस उसे चलाने वाला हो सकता है. यानी कि पीछे की सीट पर कोई नहीं बैठेगा.

विशेष आर्थिक क्षेत्रों, एकस्पोर्ट यूनिट्स, औद्योगिक एस्टेट और औद्योगिक टाउनशिप समेत शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक प्रतिष्ठानों में पहुंच नियंत्रण के साथ गतिविधियों को अनुमित दी गई है. शहरी क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को भी अनुमति दी गयी है, बशर्ते मजदूर बाहर से ना आएं, यानी वो वहीं रहते हों. रीन्यूवल ऊर्जा परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गयी है.

शहरों में सभी गैर जरूरी वस्तुओं के लिए मॉल, बाजारों और बाजार परिसरों को खुलने की इजाजत नहीं होगी. लेकिन कॉलानियों में एकल (स्टैंड अलोन) दुकानें खुल सकती हैं और वहां जरूरी एवं गैर जरूरी वस्तुओं का भेद नहीं होगा.

रेड जोन में केवल जरूरी वस्तुओं के लिए ई कॉमर्स गतिविधियों की इजाजत है. निजी कार्यालय एक तिहाई श्रमिक के साथ खुल सकते हैं. बाकी दो तिहाई घर से काम कर सकते हैं.

सभी सरकारी कार्यालयों में उपसचिव स्तर के ऊपर के शत प्रतिशत अधिकारी काम करेंगे, बाकी कर्मियों में बस एक तिहाई कार्यालय आयेंगे.

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रेड जोन में ज्यादातर वाणिज्यिक एवं निजी प्रतिष्ठानों को अनुमति दी गयी है जिनमें प्रिंट एवं इलक्ट्रोनिक मीडिया, आईटी और उससे सबंधित इकाइयां, डाटा एवं कॉल सेंटर, प्रशीतन (रेफ्रीजरेटेड) भंडार एवं गोदाम सेवाएं , निजी सुरक्षा आदि शामिल है.

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