Coronavirus Pandemic: Migrant labour are not getting milk for their children – घर लौट रहे मजदूरों के हैं बुरे हाल, दुधमुंहों को पिलाने के लिए दूध नहीं तो पानी में भिगोकर दे रहे बिस्किट-ब्रेड

घर लौट रहे मजदूरों के हैं बुरे हाल, दुधमुंहों को पिलाने के लिए दूध नहीं तो पानी में भिगोकर दे रहे बिस्किट-ब्रेड

भोपाल के करीब विदिशा हाई-वे से मजदूर घर लौट रहे हैं

भोपाल:

Coronavirus Pandemic: कोरोना वायरस की महामारी में पूरी दुनिया को थाम दिया है. कोरोना वायरस की प्रकोप के कारण काम-धंधे ठप पड़े हुए हैं. सबसे ज्‍यादा परेशानी उन प्रवासी मजदूरों को हो रही है जिनकी रोजीरोटी इस महामारी ने छीन ली है. लगभग रोज कमाकर अपना जीवन यापन करने वाले प्रवासी मजदूर काम की तलाश में महानगरों में पहुंचे थे लेकिन काम न होने के कारण अब बदहाल स्थिति में घर लौटने को मजबूर हैं. इनमें से कई तो तंगहाली के चलते परिवार के साथ पैदल ही लौट रहे हैं. हालत यह है कि इनमें से कई के साथ छोटे-छोटे बच्‍चे भी हैं लेकिन दुधमुंहे बच्‍चों को दूध भी नसीब नहीं हो रहा. भोपाल के करीब विदिशा हाई-वे में विस्थापन की भयावह तस्वीरें हैं…कोई पैदल जा रहा है, कोई ऑटो में कोई साइकिल से तो कोई यूं ही ट्रक में भरकर. जिसे जो साधन मिल रहा है, उससे लौट रहा है.कई के पास बच्‍चों के लिए दूध और खाना भी नहीं है.. फिर भी चले जा रहे हैं …

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बालकृष्‍ण कहते हैं कि अब वापस नहीं लौटेंगे लेकिन अपने राज्य में श्रम कानूनों में बदलाव की बात सुन रहे हैं,  जो कानून नियम बताए हैं, वहां चलेंगे तो समझ में आएगा. सारे कानून तो सेठ के लिये हैं, ही चारों तरफ से मजदूर मार खाता है वही आज झेल रहे हैं, सुविधा कुछ मिल नहीं रही है … अब घर पर नमक रोटी खा लेंगे कभी मुंबई नहीं लौटेंगे. उनके कुछ और साथी हैं, हफ्तों से नहाए नहीं हैं… पैर फट गये हैं… पट्टी बांध रखीं है. ट्रक में सवार होने के प्रति व्यक्ति 800 रुपये मांगे जा रहे हैं जो इनके पास हैं नहीं. उनकी पत्नी कहती हैं, ‘मेडिकल रिपोर्ट लेकर चले हैं, कचरा वाला पानी है न कपड़े-लत्‍ते, न नहाना-धोना. भूखे हैं लेकिन चले जा रहे हैं. कुछ बच्चों को लेकर पैदल अपने गांव निकले हैं तो कुछ ऑटो में, ऑटो में दो बच्चे हैं, 6  महीने की बिटिया सो रही है. दूसरी खेल रही है सारा सामान लेकर लेकर ही जा रहे हैं, तय नहीं लौटेंगे या नहीं. झारखंड के राजधनवार के लिये निकले अरविंद ने कहा सारा सामान लेकर चले हैं, बर्तन वगैरह खाली करके निकले हैं, अब देखेंगे वापस आना है कि नहीं…

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