रूस के बाद भारत में सबसे तेज गति से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले – Coronavirus spreading faster in india russia covid 19 pandemic diu

  • मई में कोरोना के मामलों की संख्या में असामान्य वृद्धि
  • मई के पहले 11 दिनों में लगभग 33,000 नए केस मिले

मई महीने की शुरुआत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में असामान्य वृद्धि देखने को मिली. मई के पहले 11 दिनों में भारत में लगभग 33,000 नये मामले सामने आए जो कि 87 प्रतिशत की वृद्धि है. वास्तविक संख्या के लिहाज से यह बढ़ोतरी दुनिया में 5वीं सबसे अधिक है, जबकि प्रतिशत के लिहाज से यह रूस के बाद दूसरे स्थान पर है.

इंडिया टुडे की डाटा इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) ने 1 से 11 मई तक के उन 15 देशों के Covid-19 संक्रमण के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिसमें 50,000 से अधिक मामले थे. रूस में सबसे ज्यादा 93 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है. इसके बाद दूसरे नंबर पर भारत (87 फीसदी), तीसरे पर ब्राजील (84 फीसदी) और चौथे नंबर पर पेरू (70 फीसदी) हैं.

इन चारों देशों में कोरोना के केस दोगुना होने की दर भी सबसे अधिक है. 1 मई से 11 मई के बीच, कोरोना केस दोगुना होने में रूस में 10.3 दिन, भारत में 10.8 दिन, ब्राजील में 11 दिन और पेरू में 12 दिन लगे.

स्पेन में कोरोना वायरस मामलों की संख्या दूसरी सबसे अधिक है लेकिन यहां इसके बढ़ने की रफ्तार सबसे धीमी यानी 5 फीसदी की रही है. स्पेन के बाद जर्मनी (5.17 फीसदी), इटली (6 फीसदी), फ्रांस (7.8 फीसदी) और बेल्जियम (9 फीसदी) हैं.

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एशियाई देशों में फिलहाल भारत में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं. हालांकि, तुर्की में 11 मई तक एशिया में सबसे अधिक 1,39,771 मामले दर्ज किए हैं, लेकिन इनमें से करीब 68 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं. इसलिए तुर्की में अभी 40,150 एक्टिव केस हैं, जबकि भारत में 46,008 एक्टिव केस हैं.

वास्तविक संख्या में वृद्धि

भारत में कोरोना मामलों की संख्या में वृद्धि प्रतिशत की दृष्टि से बहुत ज्यादा है, क्योंकि वास्तविक संख्या की दृष्टि से देखें तो यहां अन्य कई देशों की तुलना में संक्रमण अपेक्षाकृत कम रहा. सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से 10 देश ऐसे हैं जहां संक्रमण के मामलों की संख्या एक लाख से ज्यादा है. दूसरी ओर, भारत में 12 मई की दोपहर तक 70,756 मामले दर्ज किए गए हैं.

हालांकि, वास्तविक संख्या की बात करें तो भारत कोरोना वायरस केसों की संख्या के लिहाज से 5वें स्थान पर है.

वास्तविक संख्या के मामले में, अमेरिका में 1 से 11 मई तक कोरोना वायरस के 2.4 लाख नये केस जुड़े हैं. हालांकि, अमेरिका में इसके बढ़ने की दर 22.5 प्रतिशत रही है, क्योंकि यहां पहले से ही मामले अधिक संख्या में थे. 11 मई तक अमेरिका में कुल 13,40,000 मामले सामने आ चुके हैं.

रूस में 1 मई को कोरोना के कुल 1.14 लाख मामले थे जो ​11 मई को बढ़कर 2.2 लाख हो गए. यह वृद्धि दर 93 फीसदी रही. ब्राजील में इस अवधि में 77,392 और ब्रिटेन में 45,647 नये केस जुड़े हैं. अगर इस संख्या को प्रतिशत में देखें ते ब्राजील में 84 प्रतिशत और ब्रिटेन में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर रही.

भारत में 1 मई से 11 मई के बीच 32,980 नये केस दर्ज हुए जो विश्व में पांचवी सबसे ज्यादा संख्या है. दिलचस्प बात यह है कि भारत से पहले कोरोनो वायरस संक्रमण का सामना करने वाले देशों में अपेक्षाकृत कम वृद्धि देखी गई.

9 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन लागू करने वाले इटली में 1 मई से 11 मई के बीच 12,386 मामले बढ़े, जो कि भारत की तुलना में लगभग तीन गुना कम है. इसी तरह स्पेन में इस दौरान 10,915 और फ्रांस में 10,007 मामले दर्ज हुए. आठ हफ्ते के लॉकडाउन के बाद फ्रांस ने सोमवार को प्रतिबंधों में ढील दे दी.

भारत में 70,000 तक उछाल

हालांकि, डीआईयू ने पाया कि जिन देशों में हालात सुधर रहे हैं और रोजाना नये केस की संख्या कम हो रही है, वहां पर कुल मामलों की संख्या 10,000 से 70,000 पहुंचने की गति भारत से तेज रही.

भारत में कोरोना के मामले 10,000 से 70,000 तक पहुंचने में 29 दिन लगे, जबकि स्पेन में 12 दिन, जर्मनी में 13 दिन, इटली व ब्रिटेन में 16 दिन और चीन में 17 दिन लगे. इसका श्रेय इन देशों में शुरुआती चरण में हुई आक्रामक जांच को दिया जा सकता है. हालांकि, हाल के दिनों में भारत में भी प्रति दस लाख पर जांच की संख्या में सुधार हुआ है.

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हालांकि, इसके अपवाद भी मौजूद हैं. रूस में कोरोना मामलों की संख्या 10,000 से 70,000 पहुंचने में 17 दिन लगे जो कि चीन के बराबर है. फिर भी यहां रोज नये जुड़ने वाले मामलों को नियंत्रित नहीं किया जा सका. कनाडा को 10,000 से 70,000 पहुंचने में 39 दिन लगे और इसका प्रदर्शन 26 फीसदी की वृ​द्धि दर के साथ अपेक्षाकृत बेहतर है.

भारत में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि हो रही है और रोजाना नये मामलों की संख्या बढ़ रही है. यानी भारत में अभी इसका चरम देखना बाकी है. एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कुछ दिन पहले कहा था कि भारत में कोरोना वायरस जून-जुलाई में अपने चरम पर पहुंच सकता है, जिसका मतलब है कि आने वाले हफ्तों में मामले बढ़ने की संभावना है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी कुछ ऐसा ही कहा है.

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