Wuhan residents fear coronavirus testing could rekindle disease | वुहान में फिर सामने आए कोरोना के संक्रमण के मामले, चौंकाने वाले हैं लक्षण, लोगों को सता रहा यह डर

बीजिंग: कोरोना (Coronavirus) के नए केेेस सामने आने के बाद चीन वुहान (Wuhan) की पूरी आबादी का टेस्ट करवा रहा है. टेस्ट सेंटरों पर बड़े पैमाने पर भीड़ जुट रही है, जिसके चलते लोगों को पुन: संक्रमित होने का डर सता रहा है. वुहान की आबादी 1.1 करोड़ है. यहां बीते दिनों कोरोना के पांच मरीज मिले थे. जिसके बाद चीनी सरकार ने प्रत्येक नागरिक का टेस्ट कराने का फैसला लिया. सबसे पहले, उन लोगों का टेस्ट किया गया, जो सबसे ज्यादा जोखिम में हैं, यानी स्वास्थ्य कर्मी. चीन की योजना महज 10 दिन में सभी टेस्ट पूरे करने की है, इसलिए भारी संख्या में लोगों को जांच केंद्रों तक लाया जा रहा है.

वुहान के अधिकांश इस बात को लेकर आशंकित हैं कि कहीं टेस्टिंग के चलते वे फिर से कोरोना की चपेट में न आ जाएं. सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है. कई लोगों ने कहा कि वे सरकार के इस अभियान का समर्थन करते हैं, लेकिन उन्हें पुन: संक्रमित होने का डर सता रहा है. गौरतलब है कि 8 अप्रैल को लॉकडाउन से मुक्त होने के बाद वुहान के स्वास्थ्य अधिकारी उस वक्त हरकत में आ गए, जब नए संक्रमण के पांच मामले सामने आये. 

चीन के लिए परेशानी की बात यह है कि नए मरीजों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन जब टेस्ट किया गया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वुहान की पूरी आबादी की जांच कराने का फैसला लिया है. ताकि संक्रमण को अनियंत्रित होने से पहले ही काबू में लाया जा सके. वुहान के एक निवासी ने कहा, ‘टेस्ट के लिए बड़े पैमाने पर लोगों को एक जगह एकत्र किया जा रहा है, ऐसे में संक्रमण के एक से दूसरे में फैलने का खतरा बना रहेगा’.     

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि टेस्ट का अभूतपूर्व स्तर सरकार की चिंता दर्शाता है. वहीं, कुछ की नजर में यह बहुत महंगी एक्सरसाइज है और इसकी प्रभावशीलता पर भी संदेह है. कोरोना प्रभावितों की बात करें, तो चीन ने शुक्रवार तक COVID-19 के 82,941 मामलों और 4,633 मौतों की पुष्टि की है. 

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