- चीन विवाद पर इंटरनेशनल सिक्युरिटी एक्सपर्ट ने रखी राय
- एशले जे. टेलिस बोले- कोरोना के कारण चीन अंडरप्रेशर है
चीन ने पहले दक्षिणी चीन सागर में चालबाजियां कीं, फिर उसने अपने समुद्री पड़ोसियों को तंग करना शुरू किया और अब वो भारत के साथ उलझने की कोशिश कर रहा है. हालांकि लद्दाख में चीन की हरकत के बाद भारत ने भी मोर्चा खोल दिया है. वहीं, कोरोना के चलते चीन का साथ भी फिलहाल कोई देता नहीं दिख रहा है. ऐसे में चीन ग्लोबल पावर बनने की चाहत में पड़ोसियों पर हेकड़ी दिखा रहा है, ताकि कोरोना पर उसकी किरकिरी ना हो. लेकिन उसका असल मकसद क्या है, ये अभी तक खुलकर सामने नहीं आया है.
भारत-चीन विवाद पर इंडिया टुडे के न्यूज ट्रैक प्रोग्राम में अमेरिका के शीर्ष एशिया विशेषज्ञ डॉक्टर एशले जे. टेलिस ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण चीन अंडरप्रेशर है. भारत-चीन को ये मसला मिलकर सुलझाना चाहिए. अगर ये विवाद लंबे वक्त तक चला तो इसका परिणाम दूसरा (युद्ध) हो सकता है. ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि चीन ये क्यों कर रहा है.
चीन को उसी की भाषा में जवाब देने की जरूरत
टेलिस ने कहा कि अब भारत को चीन की भाषा में जवाब देने के लिए तैयार रहना होगा. भारत को चीन के कार्य नीति के मुताबिक माकूल जवाब देने जरूरत भी है. इसके लिए उसे अपनी सेना और मजबूती के साथ खड़ा करना होगा.
उन्होंने कहा कि भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते मजबूत हुए हैं. यूएस भी चीन से किनारा कर रहा है. लद्दाख को लेकर भारत का क्लेम ठीक है, इसलिए अमेरिका उसके साथ आया है. भारत की सहमति पर अमेरिका इस मसले पर हस्तक्षेप कर सकता है.
Exclusive | Are we looking at Cold War 2.0? Here’s what America’s top Asia expert Dr Ashley J Tellis has to say. #Newstrack LIVE at https://t.co/4fqxBVUizL pic.twitter.com/lnkoKhZY9g
— IndiaToday (@IndiaToday) May 28, 2020
LAC के अंदर सड़क निर्माण…
बता दें कि चीनी करतूतों से निपटने के लिए भारत लद्दाख में LAC के अंदर सड़क निर्माण कर रहा है, जिसका चीन लगातार विरोध कर रहा है. इसी को लेकर पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के सैनिक आपस में कई बार भिड़ चुके हैं. गालवन घाटी और पैंगोंग लेक से पहले सिक्किम के नाकू ला में भी सैनिकों के बीच हाथापाई हुई थी.
चीन को घेरने के लिए बनाया चक्रव्यूह! किसी भी चाल को कामयाब नहीं होने देगा भारत
सूत्रों के मुताबिक गालवन घाटी में चीनी सैनिकों की तादाद को देखते हुए भारतीय जवानों को भी तैनात कर दिया गया है. खबर है कि भारतीय सेना भी सरहद के बेहद नजदीक जाकर टेंट गाड़ रही है ताकि चीनियों की हर हरकत पर बारीक नजर रखी जा सके. फिलहाल पेंगोंग लेक.. गालवन घाटी और डेमचोक के पास हालात तनावपूर्ण बने हुए है.


