ebola virus symptoms and treatment: Ebola Virus Symptoms: कोरोना संक्रमण से कितना अलग है इबोला वायरस? – ebola virus symptoms and treatment and new cases of ebola in corona time

Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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हमारा देश और पूरी दुनिया कोरोना के संक्रमण से जूझ रही है। जेब की हालत से लेकर मानसिक हालत तक, हर चीज पर कोरोना का बुरा असर देखने को मिल रहा है। लेकिन चिंता की बात यह है कि इस सबके बीच दुनिया को पहले भी नुकसान पहुंचा चुके वायरस इबोला ने फिर से दस्तक दे दी है। आइए, यहां जानते हैं कि इस वायरस के लक्षण क्या हैं और हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए…



पहले इतना जान लें…


-कुछ साल पहले आए इबोला वायरस ने दुनियाभर में खौफ फैला दिया था। उस समय भी इंटरनैशनल फ्लाइट्स और उड़ाने प्रभावित हो रही थीं। एयरपोर्ट्स पर मेडिकल टेस्ट की सुविधा शुरू की गई थी। फिर लंबे समय तक प्रयासों के बाद दुनिया इस वायरस पर नियंत्रण पाने में सफल हो पाई थी।

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-जिस तरह आज कोरोना के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए प्लाज्मा थेरपी का उपयोग किया जा रहा है, उस दौर में भी प्लाज्मा थेरपी ने भी प्रभावी रूप से इबोला वायरस का संक्रमण रोकने और मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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कोरोना के लगातार बढ़ते मामले

इबोला और कोरोना संक्रमण का अंतर

-इबोला के मरीज को भी सांस लेने में दिक्कत होती है और गले में दर्द होता है। इन्हें भी अचानक तेज बुखार, बदन दर्द, कमजोरी, डायरिया और उल्टी की समस्या होती है।

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-लेकिन इन सब लक्षणों के साथ ही इबोला के मरीज के शरीर से एक संक्रमित द्रव का रिसाव होता है। इस द्रव के संपर्क में आनेवाले व्यक्ति भी इस वायरस का शिकार हो जाते हैं।

-जबकि कोरोना के मरीजों में सर्दी, खांसी, बुखार, गले में दर्द, कमजोरी , किडनी या हार्ट की समस्या और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस सबके साथ ही कोरोना सांस और मुंह के जरिए निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के कारण फैलता है।

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-ये ड्रॉपलेट्स हवा के माध्यम से पीड़ित व्यक्ति के शरीर से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में सांस के जरिए पहुंचती हैं और सबसे पहले श्वसनतंत्र पर अटैक करती हैं। साथ ही बहुत तेजी से अपने क्लॉन वायरस बनाती हैं और शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंगों को अपनी चपेट में लेने लगती हैं।

एक बार फिर फैल रहा इबोला

-इबोला वायरस की यह दूसरी इनिंग है, जब इससे ह्यमून लाइफ को खतरा होने लगा है। आपको शायद ध्यान होगा कि इबोला वायरस भी चमगादड़ से ह्यूमन में ट्रांसफर हुआ वायरस ही है।

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इबोला वायरस के ताजा मामले

-इबोला और कोरोना में समानता यह भी है कि इन दोनों ही वायरस से पीड़ित मरीजों में इंफ्लूएंजा और फ्लू जैसे सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं। लेकिन फिर भी कुछ खास लक्षण हैं, जो इबोला और कोरोना की पहचान करने में सहायक हैं।

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यहां आ रहे हैं कोरोना के केसेज

-इस समय डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में इबोला के 6 ताजा मामले सामने आए हैं और इनमें से 4 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। यह दूसरी बार है जब कॉन्गो में इबोला एक बार फिर पैर पसारते दिख रहा है। इन मामलों की पुष्टि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा भी की जा चुकी है।

-हालांकि हैरानी की एक बात यह है कि कॉन्गो के जिस शहर मबंडाका में इबोला के मामले पाए गए हैं, वह शहर अभी तक कोरोना संक्रमण से मुक्त है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि कोरोना और इबोला का आपस में एक-दूसरे से कोई कनेक्शन नहीं है।

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