कांग्रेस नेताओं को निगम मंडल में नियुक्ति का इंतजार है. सांकेतिक फोटो.
अपनी गाड़ियों में अलग अलग बत्तियां सजाने की चाह रखने वाले छत्तीसगढ़ कांग्रेस (Chhattisgarh Congress) के नेताओं पर कोरोना संक्रमण की मार पड़ गई है.
कांग्रेस पार्टी को डर था कि जिन्हें रेवड़ी नहीं मिलेगी वो गुटबाजी का व्यंजन पार्टी की झोली में डाल सकते हैं. चुनाव खत्म होने के बाद अब तक नामों के ऐलान की बात कही गई कि इन नेताओं के सपनों पर नई आपदा टूट पड़ी. जी हां कोविद 19 के संक्रमण की आपदा. इसके चलते राज्य की आर्थिक स्थिति की कमर टूट गई है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक कांग्रेस नेताओं को अब इसके लिए लम्बा इंतजार करना पड़ेगा. निगम-मंडल में नियुक्तियो के लिए अभी लम्बा इंतजार करना पड़ेगा.
डेढ़ साल से कर रहे इंतजार
छत्तीसगढ़ में नई सरकार बने डेढ़ साल हो गए हैं. इस बहच कोरोना ने जो आर्थिक समीकरण बिगाड़े हैं, उससे स्थिति कब सम्भल पाएगी यह कहना मुश्किल है. कोरोना के चलते कमजोर आर्थिक हालातों को संभालने में ही अभी सरकार को काफी ताकत लगानी पड़ेगी. ऐसे में अभी नियुक्ति लंबे समय तक अटकी रहेगी. वहीं दावेदार काफी मायूस नजर आ रहे हैं. हालांकि कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी का कहना है कि निगम मंडलों में नियुक्ति सरकार और मुख्यमंत्री का विषेशाधिकार होता है. अभी पार्टी के सभी कार्यकर्ता कोरोना महामारी से निपटने में लगे हैं. इस मामले में बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव का कहना है कि कांग्रेस पार्टी बड़े अंतर्कलह से गुजर रही है. इसलिए ही निगम मंडलों को लेकर निर्णय नहीं हो पा रहा है.ये भी पढ़ें:
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First published: June 10, 2020, 10:45 AM IST

