बीजिंग: चीन (China) फिलहाल कोराना वायरस (Coronavirus) संक्रमण की दूसरी लहर (Second wave) के खतरे में है. इस बीच खबर आ रही है कि बीजिंग (Bejing) के SeaFood होल सेल मार्केट में मांस और समुद्री भोजन वाला वर्ग कोरोना वायरस से गंभीर रूप से दूषित पाया गया है. इसकी वजह इस क्षेत्र का कम तापमान और उच्च आर्द्रता (humidity) बताई जा रही है.
ये प्रारंभिक रिपोर्ट तब आई जब पिछले ही हफ्ते चीन में कोविड 19 के मामले दोबारा सामने आए थे जो शिनफादी फूड सेंटर से जुड़े हुए थे. इस फूड सेंटर में वेयरहाउस और ट्रेडिंग हॉल है और इसका आकार 160 फुटबॉल मैदानों के आकार के बराबर है.
यहां से हाल ही में 100 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए और इस घटना से पूरे चीन में संक्रमण फैलने का डर और बढ़ गया.
कोरोना के वो मरीज जो शिनफादी बाजार में काम करते हैं, उनमें से ज्यादातर समुद्री भोजन और जलीय उत्पादों वाले स्टालों पर काम करते हैं, साथ ही बीफ और मटन भी बेचा करते हैं.
एक विशेषज्ञ का कहना है कि कम तापमान और ज्यादा ह्यूमिडिटी वायरस के जिंदा रहने के लिए अनुकूल होते हैं. और इसी से पता चलता है कि सीफूड मार्केट वायरस के प्रकोप का स्रोत क्यों हो सकते हैं.
चीन ने यूरोप के सैल्मन मछली के सप्लायरों को इस सप्ताह आयात करने से रोक दिया, क्योंकि उन्हें डर है कि बीजिंग में हालिया पाए गए संक्रमण के मामले इसी से जुड़े हो सकते हैं.
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हालांकि ये वायरस कहां से आया इसका पता अभी नहीं चला है, फिर भी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कच्ची मछली न खाने की चेतावनी दी है क्योंकि वायरस मछली काटने वाले चॉपिंग बोर्ड पर पाया गया था.
इस सप्ताह सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के एक प्रमुख निकाय ने कहा कि थोक खाद्य बाजारों में स्वच्छता के निम्न मानकों और इसकी फूड सप्लाई चेन की खामियों पर तत्काल प्रभाव से ध्यान देने की जरूरत है.


