छत्तीसगढ़ को भी गरीब कल्याण रोजगार अभियान में शामिल करने की मांग, CM बघेल ने PM मोदी को लिखा पत्र- CM Bhupesh Baghel writes Center to include Chhattisgarh in Garib Kalyan Rojgar Abhiyan jhnj | raipur – News in Hindi

छत्तीसगढ़ को भी 'गरीब कल्याण रोजगार अभियान' में शामिल करने की मांग, CM बघेल ने केन्द्र को लिखी चिट्ठी

सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को भी गरीब कल्याण रोजगार अभियान में शामिल करने की मांग की है. (फाइल फोटो)

यह योजना (Garib Kalyan Rojgar Abhiyan) प्रवासी श्रमिकों को आजीविका का अवसर प्रदान करने के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के 116 जिलों में 20 जून, 2020 से शुरू की गयी.

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने रविवार को मांग की कि केंद्र के द्वारा हाल में शुरू किये गये ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ (Garib Kalyan Rojgar Abhiyan) में उनके राज्य को भी शामिल किया जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक दिन पहले ही रोजगार सृजन पर केंद्रित यह ग्रामीण लोकनिर्माण अभियान शुरू किया है. पीएम मोदी को लिखे पत्र में सीएम बघेल ने कहा कि मध्यप्रदेश, झारखंड और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों को इस अभियान में शामिल किया गया है, लेकिन इन राज्यों की जैसी आर्थिक एवं सामाजिक समानताओं के बावजूद छत्तीसगढ़ को उससे दूर रखा गया है.

इन राज्यों में शुरू हुआ अभियान 

यह योजना प्रवासी श्रमिकों को आजीविका का अवसर प्रदान करने के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के 116 जिलों में 20 जून, 2020 से शुरू की गयी. सीएम बघेल ने पत्र में लिखा है कि यदि छत्तीसगढ़ को इस योजना में शामिल किया गया तो जो प्रवासी श्रमिक छत्तीसगढ़ लौटे हैं उन्हें उनकी रूचि और कौशल के हिसाब से रोजगार के अवसर मिल सकेंगे. उन्होंने कहा कि पूरा देश कोविड-19 महामारी का दंश झेल रहा है और इस संकट की सबसे अधिक मार श्रमिकों पर पड़ी है. अब तक पांच लाख से अधिक मजदूर छत्तीसगढ़ लौट चुके हैं.

‘योजना में छत्तीसगढ़ को शामिल नहीं करने पर मजदूरों में निराशा’ सीएम बघेल के मुताबिक राज्य का तीन-चौथाई हिस्सा बहुत पिछड़ा है और वनों से ढंका हुआ है. इन क्षेत्रों में करीब 80 फीसदी जनसंख्या अनुसूचित जाति/जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों की है. राज्य की 90 फीसद जनसंख्या कृषि और श्रम पर आश्रित है. गरीबों, कृषि श्रमिकों, प्रवासी श्रमिकों एवं सीमांत किसानों में निराशा की भावना है, क्योंकि राज्य को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है.

 


First published: June 21, 2020, 9:39 PM IST




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here