मध्य प्रदेश आयुष विभाग का दावा, आयुर्वेदिक काढ़े से हार रहा है कोरोना – Madhya pradesh ayush dept claims corona infected patients recovered from ayurvedic decoction

  • आरोग्य कसायम काढ़ा पीने से कोरोना मरीज हो रहे ठीक: दावा
  • 31 जिलों के 133 सेंटर में इसका प्रयोग किया गया: आयुष कमिश्नर

जिस कोरोना का इलाज पूरी दुनिया के डॉक्टर अब तक नहीं ढूंढ पाए हैं, उसी कोरोना को भारत की हजारों साल पुरानी आयुर्वेद पद्धति से मध्य प्रदेश में हराने का दावा किया जा रहा है. मध्य प्रदेश सरकार के आयुष विभाग ने दावा किया है कि उसके दिए काढ़े के बाद कोरोना के पॉजिटिव मरीज भी ठीक हो गए हैं. आयुष विभाग के दावे के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या हजारों साल पुरानी भारतीय आयुर्वेद पद्धति ही कोरोना का काल है? पढ़िए ये रिपोर्ट.

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जिस कोरोना की अब तक काट नहीं बनी है वही कोरोना मध्य प्रदेश में आयुर्वेद से जंग हारता दिख रहा है. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि ये मध्य प्रदेश आयुष विभाग का दावा है. मध्य प्रदेश आयुष विभाग दावा कर रहा है कि उसने बीते एक महीने से कोरोना पॉजिटिव मरीजों पर आयुर्वेदिक काढ़े का जो प्रयोग किया है अब उसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं.

ayurvedic-decoction_062220041843.jpgआरोग्य कसायम पीने से कोरोना मरीज हो रहे ठीक- दावा

आयुष विभाग कमिश्नर एम.के.अग्रवाल का दावा है कि आयुष विभाग ने 133 कोविड केयर सेंटर और क्वारनटीन सेंटर के जितने भी मरीजों को आयुर्वेदिक काढ़ा ‘आरोग्य कसायम’ पीने के लिए दिया वो सब अब ठीक हो चुके हैं.

दरअसल, करीब डेढ़ महीने से आयुष विभाग कोविड केयर सेंटर और क्वारनटीन सेंटर में भर्ती मरीजों और लोगों को 7 जड़ी बूटियों वाला आरोग्य कसायम काढ़ा पिला रहा है. ये एक खास आयुर्वेदिक काढ़ा होता है, जिसमें गुडूची, शुण्ठी, भूम्यामलकी, यष्टिमधु, मरिच, पिप्पली और हरीतकी जड़ी बूटियां होती हैं.

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आयुष कमिश्नर एम. के. अग्रवाल के मुताबिक, आयुष विभाग ने 31 जिलों के 133 सेंटर में इसका प्रयोग किया गया है (कोविड केयर सेंटर और क्वारनटीन सेंटर दोनों मिलाकर). क्वारनटीन किए गए 3,427 लोगों में से 3,343 घर चले गए हैं और 83 की रिपोर्ट आनी बाकी है.

2,294 मरीजों में से 2,199 ठीक हुए

आयुष कमिश्नर के मुताबिक, कोरोना पॉजिटिव 2,294 मरीजों में से 2,199 ठीक हो गए. अब 95 की रिपोर्ट का इंतजार है. आयुष विभाग का ये प्रयोग इतना सफल हुआ है कि बकायदा केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश आयुष विभाग को बधाई देते हुए उसे एक कोरोना मरीजों के लिए आयुर्वेद के नए प्रयोग करने को कहा है.

खुद मध्य प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि भारत की प्राचीन पद्धति जिस तरह से मध्य प्रदेश में कोरोना की काट बन रही है उसे प्रदेश के बाकी हिस्से में भी ले जाना चाहिए और सिर्फ मरीजों के इलाज के लिए ही नहीं, बल्कि काढ़े को जीवनशैली में भी अपनाना होगा.

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उनका कहना है कि भले ही अभी वैज्ञानिक तौर पर कोरोना की दवा दुनिया को नहीं मिल पाई है, लेकिन जिस तरह से मध्य प्रदेश में काढ़े से कोरोना परास्त होता दिख रहा है उसके बाद अब एक बार फिर इस बात की उम्मीद जाग रही है कि क्या भारत की हजारों साल पुरानी प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति में ही कोरोना को हराने की शक्ति है.

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