नई दिल्ली: भारत और चीन (India China Dispute) के बीच लद्दाख सीमा तनाव बरकरार है. इस बीच चीनी सेना का सबसे ताकतवर जनरल झाओ झोंगकी अपनी फौज के साथ लद्दाख पर कब्जे की कोशिश कर रहा है. बताया जा रहा है कि यह अभियान पश्चिमी थियेटर कमान के कमांडर जनरल झाओ झोंगकी के दिमाग की उपज है. क्योंकि झाओ झोंगकी को तिब्बत सीमा से लगे इलाके की गहराई से जानकारी है, उसने वहां पर 20 सालों तक काम किया है.
जानकारी के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नजरों में खुद को साबित कर जनरल झाओ झोंगकी सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में वाइस चेयरमैन बनना चाहता है. इतना ही नहीं जरनल, डोकलाम में चीनी सेना के पीछे हटने की खीज लद्दाख में निकाल रहा है. आपको बता दें कि जनरल झाओ ही साल 2017 में डोकलाम विवाद के समय वेस्टर्न थियेटर कमांड को कमांड कर रहा था.
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जनरल को वियतनाम युद्ध का अनुभव
रिपोर्ट्स की मानें तो चीनी सेना कमांडरों में से एक झाओ झोंगकी ने साल 1979 का वियतनाम युद्ध भी देखा है. युद्ध में अपनी सफल प्लानिंग के चलते जनरल ने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली. जानकारी के मुताबिक, जिनान सैन्य क्षेत्र कमांडर के रूप में जनरल की पूर्व वाइस चेयरमैन जनरल फैन चांगलोंग के साथ निंग्जिया, काशगर और तिब्बत और शिनजियांग की कई जगहों पर तैनाती हो चुकी है.

