डेंगू फीवर: कैसे पता लगाया जाए कि डेंगू का बुखार है या कोरोना इन्फेक्शन का खतरा? पढ़ें – dengue fever symptoms in hindi home remedies prevention how to differentiate between coronavirus and dengue

Edited By Sakshi Pandya | नवभारत टाइम्स | Updated:

कैसे पता लगाया जाए कि डेंगू का बुखार है या कोरोना इन्फेक्शन का खतरा? पढ़ेंकैसे पता लगाया जाए कि डेंगू का बुखार है या कोरोना इन्फेक्शन का खतरा? पढ़ें

दुनियाभर में लोग अब तक कोरोना वायरस से परेशान थे और अब डेंगू भी इसकी टक्कर में आने लगा है। कोरोना के साथ-साथ डेंगू भी तेजी से बढ़ रहा है। बता दें, डेंगू वायरस Aedes मच्छर के काटने से होता है। डेंगू और कोरोना दोनों के ही शुरूआती लक्षण बुखार से शुरू होते हैं। इन दोनों में अंतर देखकर आपको चिकित्सीय मदद लेनी चाहिए। जानें दोनों में क्या अंतर है:

Covid 19 और डेंगू के लक्षणों को ऐसे पहचानें

कोरोनावायरस इन्फेक्शन और डेंगू, दोनों में ही रोगी को बुखार आता है। दोनों ही बीमारियों के सबसे आम और शुरुआती लक्षण में बुखार शामिल है। इसी के साथ शरीर में थकान महसूस होने इनके आम लक्षणों में से एक है। इतना सब एक जैसा होने के बाद यह कैसे पता लगाया जाए कि डेंगू का बुखार है या कोरोना इन्फेक्शन का खतरा?

लक्षणों के अंतर का रखें ध्यान

दोनों बीमारियों में कई लक्षण आम होने के बावजूद इसमें कुछ अंतर भी हैं। डेंगू के बुखार में उल्टी, सूजन, रैशेज होते हैं। अगर डेंगू ने गंभीर रूप ले लिया हो तो इसमें बार-बार उल्टी आना, सांस तेज चलना, पेट में दर्द रहना, मसूड़ों से खून निकलना, कमजोरी, उल्टी में खून निकलना आदि भी शामिल हैं।

वहीं, कोरोनावायरस होने पर उल्टी की जगह रोगी को दस्त लगते हैं। इस बीमारी की शुरुआत में बुखार, बलगम वाली खांसी, सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियां आती हैं। हालांकि, समय के साथ-साथ इसमें अन्य लक्षण भी शामिल कर दिए गए हैं। इसमें स्वाद का पता न चलना, सुगंध न आना , स्किन पर रैशेज आदि शामिल हैं। कोरोना के कुछ ऐसे मामले में भी सामने आए हैं जिसमे रोगी में काफी लंबे समय तक कोई लक्षण ही सामने नहीं आते हैं।

तुरंत करें चिकित्सिक जांच: दोनों ही बीमारियों में कुछ लक्षण एक जैसे तो कुछ अलग हैं, लेकिन दोनों ही बीमारियों में डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है।

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डेंगू का घरेलू इलाज

गिलोय जूस: डेंगू के बुखार से बचने के लिए गिलोय जूस को कारगार माना गया है। गिलोय जूस मेटाबोलिज्म बेहतर करने के साथ-साथ इम्युनिटी भी स्ट्रांग करता है। स्ट्रांग इम्युनिटी डेंगू के बुखार से लड़ने में शरीर की मदद करती है। इससे प्लेटलेट काउंट बढ़ता है और रोगी को बेहतर लगता है। एक गिलास पानी में दो छोटे गिलोय के तनों को उबाल लें और इस पानी को गुनगुना होने पर पी लें। इसे दिन में दो बार से अधिक न पिएं।

पपीते के पत्ते का जूस: डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट काउंट कम हो जाता है, इन्हें बढ़ाने के लिए पपीते की पत्तियां बहुत कारगर सिद्ध होती हैं। पपीते के पत्तों के जूस से इम्युनिटी भी बढ़ती है और प्लेटलेट काउंट भी बढ़ता है। डेंगू से पीड़ित मरीज को चाहिए कि वह या उसके परिजन पपीते की पत्तियां लें और इन्हें धोकर क्रश कर दें। इसके बाद अच्छे से इनका जूस निकाल लें। अब अच्छे परिणाम के लिए इस जूस को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिन में दो बार पिएं।


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