स्कूल शिक्षा मंत्री श्री परमार ने शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के वेबिनार का शुभारंभ किया


स्कूल शिक्षा मंत्री श्री परमार ने शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के वेबिनार का शुभारंभ किया


 


भोपाल : सोमवार, अगस्त 17, 2020, 16:58 IST

स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के कार्यक्षेत्र एवं उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिये विजन डॉक्यूमेंट वेबिनार का शुभारंभ किया। मंत्री श्री परमार ने कहा कि बदलती हुई परिस्थितियों में यह आवश्यक है कि स्वयं का मूल्यांकन कर कार्य-प्रणाली में सुधार एवं आधुनिकता लाई जाये। कई परेशानियों के बावजूद बेहतर परिणाम देना ही सबसे बड़ी चुनौती होती है। कोविड संकटकाल में परिस्थितियाँ बदलने के कारण कार्य करने के तरीकों में बदलाव आया है। इन तरीकों को और प्रभावी एवं परिणाममूलक बनाने के लिये हमें हमेशा सीखते रहना चाहिये एवं स्वयं को अद्यतन रखना चाहिये। विजन डॉक्यूमेंट कार्यशाला संस्थाओं का आंतरिक मूल्यांकन कर नई शिक्षा नीति के अनुरूप कई बदलाव आत्मसात करने में मार्गदर्शी साबित होगी। मंत्री श्री परमार ने कहा कि टीचर्स ट्रेनिंग संस्थान शिक्षकों को समय, समाज एवं परिस्थिति के अनुसार बेहतर तरीके से शिक्षा देने में अहम् भूमिका निभायेंगे।

प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने कहा कि अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन द्वारा तैयार किया गया विजन डॉक्यूमेंट कार्यशाला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। सभी संस्थानों में हमेशा सुधार की संभावना होती है। भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये इस कार्यशाला से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त होंगे। कार्यशाला में हुए विचार-विमर्श से व्यावहारिक कार्य-योजना तैयार की जायेगी।

आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र श्री लोकेश कुमार जाटव ने विजन डॉक्यूमेंट कार्यशाला के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 से 22 अगस्त तक 6 दिवसीय कार्यशाला में 6 विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इसमें इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन एजुकेशन (आईएएसई), कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन (सीटीई), इंग्लिश लैंग्वेज टीचिंग इंस्टीट्यूट (ईएलटीआई), कॉलेज ऑफ एजुकेशनल साइकोलॉजी एण्ड गाइडेंस (पीपीटीआई) और शिक्षा मनोविज्ञान महाविद्यालय भाग लेंगे। सभी संस्थान स्वयं का आंतरिक मूल्यांकन करेंगे। कार्यशाला में संस्थान की भूमिका, दृष्टिकोण और लक्ष्यों को उल्लेखित करते हुए संस्थाओं के बेहतर कार्य, सुधार की आवश्यकता तथा संसाधनों एवं क्षमता के क्षेत्र में बेहतरी के लिये विचार किया जायेगा। इसमें शिक्षक-शिक्षा का उद्देश्य क्या है, शिक्षकों की तैयारी, विश्व में शिक्षक शिक्षा का दृष्टिकोण, सेवाकालीन शिक्षक शिक्षा द्वारा सशक्तीकरण सिद्धांत एवं प्रक्रियाएँ, सामग्रियों के विकास और प्रसार को मजबूत करना, शोध एवं अनुसंधान के द्वारा शैक्षिक प्रक्रियाओं को उन्नत करना एवं संस्थागत संस्कृति का निर्माण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाकर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जायेगा।


बबीता मिश्रा  


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