बीजिंग: चीन (China) के शिनजियांग प्रांत (Xinjiang Region) में अल्पसंख्यकों के साथ क्या सलूक किया जाता है, यह पूरी दुनिया जानती है. इसके बावजूद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) का दावा है कि शिनजियांग में रहने वाले सभी जाति के लोगों में खुशी का स्तर बढ़ रहा है.
शिविरों में एक लाख मुस्लिम
यह बयान ऐसे समय आया है जब उइगुर मुस्लिमों (Uighur Muslims) के शोषण और उनसे जबरन श्रम कराये जाने को लेकर चीन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के निशाने पर है. संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने विश्वसनीय रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा है कि शिनजियांग के शिविरों में एक लाख मुसलमानों को जबरन काम पर रखा गया है. हालांकि, चीन सभी आरोपों से इंकार करता है. उसका कहना है कि ये शिविर व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र हैं, जो चरमपंथ से निपटने के लिए आवश्यक हैं.
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शिक्षा देने की तैयारी
समाचार एजेंसी सिन्हुआ (Xinhua news agency) के मुताबिक, शिनजियांग में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के एक सम्मेलन में राष्ट्रपति शी ने कहा कि सभी जातीय समूहों के लोगों के बीच खुशी और सुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है. एजेंसी ने यह भी कहा कि सरकार अपने नागरिकों को चीन के बारे में सही दृष्टिकोण अपनाने की शिक्षा देने की तैयारी कर रही है.
जो किया सही किया
सम्मेलन में शी ने कहा कि चीन के इतिहास, राष्ट्रीयता पर एक सही दृष्टिकोण विकसित करने के लिए शिनजियांग के लोगों को शिक्षित करना जरूरी है. उन्होंने शिनजियांग को लेकर सरकार की कार्यशैली को सही ठहराते हुए कहा कि हमारी अब तक की प्रैक्टिस से पता चलता है कि शिनजियांग को लेकर जो भी निर्णय लिए गए हैं, वे सही हैं.
यूएस ने लगाये थे प्रतिबंध
मालूम हो कि जुलाई में वॉशिंगटन ने चीनी अधिकारियों पर ग्लोबल मैग्नेट्स्की एक्ट (Global Magnitsky Act) के तहत उइगरों के मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर प्रतिबंध लगाए थे. यह कानून संयुक्त राज्य सरकार को ये अधिकार देता है कि वो मानवाधिकार के उल्लंघन पर अमेरिका में संबंधित पक्ष की संपत्तियों को जब्त और अमेरिकियों के उनके साथ व्यापार करने पर रोक लगा सकती है.
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