चिन्ताराम किहिस– ‘घुमन्तु प्राणी मन मास्क लगाय बिना कोरोना एजेंट होगे हें. खुद हुशियार बनत हें. अपन, परिवार देश–प्रदेश बर हलाकानी बनत हें. मुड़ पिरवा हें. इनकर सुधरना जरूरी हे. नहिं त इन ल सुधारना बहुत जरूरी हे. ढीठ मन ल कानूनी दवा दे जाय. ये अपन गली–मोहल्ला के शेर आंय. खबरीलाल किहिस– ‘प्रशासन हर जगा पहरेदारी नइ कर सकय. लाकडाउन से कोरोना के संक्रमण रोके म मदद मिलत है. जनता के मन म संक्रमण के सेती अस्पताल अउ डाक्टर के डर बइठगे हे. मरीज मन के भीड़ बाढे हे.लाकडाउन ले मरीज घटे हें. सरकारी एप बनगे हे.
लालबुझक्कड ल किहिस– ‘सामान्य लक्षण वाले मन बर होम आइसोलेशन सुविधा हे. पांच/दस दिन बर दवा के किट मिल जथे. गंभीर मरीज मन ल अस्पताल म भर्ती करके ईलाज करत हें.’ चिन्ताराम किहिस– ‘कोविड सेंटर म मरीज सुविधा के आलोचना होवत रहिथे. कोरोना मरीज स्वास्थ्य सेवा ल ले के असंतोष म संतोष कर लेथें. समाजसेवी संस्था कोरोना इलाज अउ सुविधा दे बर आगू आय हें. कोविड सेंटर बनाकर नि:शुल्क चिकित्सा अउ दीगर सेवा देवत हें. अपन जान ल जोखिम म डार के उन अपन तन, मन ,धन लगावत हें. मानवता-सेवा होवत हे.’
खबरीलाल किहिस –‘ कोरोना के प्रति कतको झन अभी घलो गंभीर नइ दिखें. नागरिक जिम्मेदारी के बिना सरकार ल सफलता कइसे मिलही? ये ह यक्ष–प्रश्न बरोबर होगे. मउका मिलते साठ उन उडन चिरय्या बरोबर लाकडाउन के सुन्दरता देखे बर निकल पड़थें. कतको झन मास्क ल अरोय घुमत रहिथें. उनकर सुंदर-असुन्दर मुखड़ा म मास्क सुशोभित होथे. मास्क उपर नाक नीचे खुल्ला हे. मास्क लटकाय –लटकाय उन बोले बर आतुर हें. झट गप्प मारना, गोठियाना, बतियाना शुरू हो जथे. कोविड -19 वायरस के चिंता म मास्क काबर लगाना?’ चिन्ताराम किहिस –‘सरकार के बुता चेताना हे, चिंता करना, चिंता करवाना हे.’चिन्ताराम किहिस– ‘ये आदर्श नागरिक मन के आदर्श सोच हे. इन अपन उपर कम सरकार उपर जादा उपकार करत हें. एमा जनता सहित कतको नेता, अधिकारी करमचारी गिने जा सकत हें. खबरीलाल किहिस– ‘नेता मन ल भीड़ प्रिय हे. मउका देख के उन माला पहिने बर पुचपुचा जथें. कतको विधायक मन ल अइसने सौभाग्य के संग करोना पोटार लिस. लाकडाउन म घलो कोरोना के जय जय हे. अइसन निडर परानी सबे जगा मिलहीं. कतको नेताजी, साहेबजी मन ल घलो मास्क पहिने बर नइ आय. उन नियम पालन करना चाहथें फेर का करबे उन चूक जथें अउ जाने-अनजाने कोरोना मरीज बढ़ाय म अपन योगदान देथें.’
चिन्ताराम किहिस– ‘रायपुर के आरंग म दू झन कोरोना पाजेटिव मरीज मास्क लगाय बिन छेल्ला घुमत रिहिस. लोगन रोकिन त मारपीट शुरू कर दिन. पुलिस अइस गिरफ्तार करिस. रिपोट लिखिस. लालबुझक्कड किहिस‘ कोरोना मरीज मन के छेल्ला घूमे के खबर घलो खूब सुनात हे. उन कोरोना बांटत हें. कोविड सेंटर के बुरा हाल हे. कई जगा स्वीपर ह वार्ड ब्वाय, नर्स, डाक्टर के मल्टी सर्विस देवत हे. दिन म एक बार पोंगा बाजथे. पूछताछ म पोंगा म होथे. तहां ले तारा लगा के कर्मचारी चल देथें. कोनो कोविड सेंटर नर्स भरोसा चलत हे. कोरोना मरीज खूब होहल्ला मचाथें.मउका देख के भाग जथें. पिच्च–पिच्च थूकथें.’
खबरीलाल किहिस –‘नैतिक जवाबदारी न होना चिता के बात आय. कोरोना दुनिया ल हलावत हे. हमर देश म कोरोना ले हजारों मनखे मरगें. लाखों कोरोना-मरीज अस्पताल म हें. छत्तीसगढ़ म एक लाख ले जादा कोरोना केस होगे. प्रदेश के 387 मरीज कोरोना के मुख म समागे. काल के ग्रास होगें.प्रदेश म 30,689 एक्टिव केस हें. कुल 70,995 स्वस्थ होइन. चिन्ताराम किहिस– ‘ये कोरोना हमर देश म करोड़ों झन के नौकरी खागे. बाजार के खुलना, बंद होना जारी हे. कारोबार पटरी म कब आही इही सवाल सबके मन म हे. स्कूल–कालेज कब खुलही? उद्योग धंधा सम्हले ल धरथे तहां ले लाकडाउन आ जथे.
चिन्ताराम किहिस– ‘जब कोरोना संक्रमण के घंटी-घंटा बजना-बजाना शुरू होईस तब राजनेता झकना के जागिन. लालबुझक्कड किहिस- ‘कोरोना के मरीज बढे ले नवा सूत्र निकलिस. व्यवस्था के नाम ले के विपक्ष के नेता पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह और वरिष्ठ भाजपा नेता ब्रजमोहन अग्रवाल कोरोना मरीज मन के इलाज ल लेके सरकार के आलोचना करिन तब इंतजाम बाढ़ीस. होम आइसोलेशन अउ निजी अस्पताल ल कोरोना इलाज करे के अनुमति दे ले व्यवस्था में सुधार होइस हे.’
खबरीलाल किहिस– ‘प्रदेश के एम्स, नेहरू मेडिकल कालेज–रायपुर, सिम्स बिलासपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, राजनांदगांव मेडिकल कालेज म वायरोलाजी लैब होय ले आरटीपीसी कीट से अउ जिला अस्पताल म टू-नाट पद्धति से कोरोना जांच होवत हे. रिजल्ट जल्दी आत हे.जांच म तेजी आय हे. तीन सौ से ज्यादा जूनियर डाक्टरों की भर्ती की गई है.’ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ह प्रदेश के चौदह नगर निगम म मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वाथ्य योजना के माध्यम से हर मरीज के गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा दे बर 55 करोड़ रू.के प्रावधान करे हे. ये योजना म 60 मोहल्ला मोबाईल कीट डाक्टर-टीम के संग कार्य करहीं .हर परकारके रोगी के जांच होही नि:शुल्क दवा दे जहि.

