वॉशिंगटन: कोरोना पीड़ित (Corona Positive) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की सेहत में सुधार हो रहा है. उन्हें मिलिट्री अस्पताल से व्हाइट हाउस (White House) शिफ्ट कर दिया गया है. इसकी जानकारी खुद ट्रंप ने ट्वीट करके दी. डॉक्टरों के मुताबिक, ट्रंप का इलाज अब व्हाइट हाउस में ही किया जाएगा.
तेजी से हो रहा सुधार
डोनाल्ड ट्रंप की तबीयत पहले से काफी बेहतर है, लेकिन वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुए हैं. इसलिए उनका आगे का इलाज अब व्हाइट हाउस में ही किया जाएगा. ट्रंप को शाम करीब साढ़े 6 बजे के आसपास वॉल्टर रीड मेडिकल सेंटर से वाइट हाउस शिफ्ट ले जाया गया. डॉक्टरों ने बताया कि राष्ट्रपति का ऑक्सीजन लेवल सामान्य है और उन्हें रेमडेसिवीर का पांचवां डोज अब वाइट हाउस में ही दिया जाएगा.
I will be leaving the great Walter Reed Medical Center today at 6:30 P.M. Feeling really good! Don’t be afraid of Covid. Don’t let it dominate your life. We have developed, under the Trump Administration, some really great drugs & knowledge. I feel better than I did 20 years ago!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) October 5, 2020
कोरोना से डरने की जरूरत नहीं
अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मैं आज शाम 6.30 बजे ग्रेट वॉल्टर रीड मेडिकल सेंटर से निकलूंगा. मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं. आप लोगों को कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है, इसे अपने जीवन पर हावी ना होने दें. ट्रंप शासन के दौरान हमने कुछ बेहतरीन दवाएं और जानकारियां विकसित की हैं. मैं 20 वर्ष पहले जैसा महसूस करता था, उससे भी ज्यादा अच्छा महसूस कर रहा हूं’.
दूसरी डिबेट से पहले ठीक होने की उम्मीद
चुनावी मौसम में डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से ट्रंप के प्रचार अभियान पर सवाल खड़ा हो गया था. हालांकि, ट्रंप ने तब भी कहा था कि वह जल्द ठीक होकर अभियान की कमान संभालेंगे. आपको बता दें कि ट्रंप और उनके प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन के बीच पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट हो चुकी है. दूसरी डिबेट 15 अक्टूबर को मियामी में होगी. ट्रंप और उनके समर्थकों को उम्मीद है कि इससे पहले वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे.
हुई थी आलोचना
इलाज के बीच ट्रंप रविवार को अस्पताल से बाहर घूमने निकले थे, जिसे लेकर उनकी जमकर आलोचना हुई थी. डॉक्टरों के साथ ही अमेरिकी खुफिया अधिकारियों (US intelligence officers) ने भी राष्ट्रपति के इस कदम को गलत बताया था. विशेषज्ञों ने कहा था कि ऐसा करके ट्रंप ने दूसरे लोगों की जान को भी खतरे में डाल दिया है. जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जेम्स पी. फिलिप्स (James P. Phillips) ने इस संबंध में ट्वीट करके नाराजगी जताई थी. फिलिप्स ने लिखा था, ‘राष्ट्रपति ट्रंप की एसयूवी न केवल बुलेटप्रूफ है, बल्कि कैमिकल हमले के लिए भी सील है. इस कार के अंदर कोरोना के संक्रमण का खतरा ज्यादा है. उनका यह गैरजिम्मेदाराना रवैया चौंका देने वाली है. उन्होंने कार के अंदर मौजूद हर व्यक्ति की जान को खतरे में डाल दिया है’.
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