Petition to the Supreme Court for the release of the arrested journalist going to Hathras – हाथरस जाते हुए गिरफ्तार किए गए पत्रकार की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

हाथरस जाते हुए गिरफ्तार किए गए पत्रकार की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

यूपी पुलिस ने पत्रकार सिद्दीक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

नई दिल्ली:

हाथरस में हुए गैंगरेप (Hathras Gang Rape) के मामले में रिपोर्टिंग के लिए जा रहे पत्रकार को यूपी पुलिस (UP Police) ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए पत्रकार (Journalist) की रिहाई के लिए केरल वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दाखिल की है. याचिका में हाथरस की घटना की रिपोर्टिंग के संबंध में जा रहे पत्रकार सिद्दीक कप्पन को यूपी पुलिस की हिरासत से कोर्ट में पेश करने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की गई है. याचिका में इस गिरफ्तारी को अवैध बताया गया है. 

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याचिका में कहा गया है कि गिरफ्तारी कप्पन द्वारा पत्रकार कर्तव्य के निर्वहन में बाधा है. गिरफ्तारी शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के खिलाफ है. यूपी सरकार ने सिद्दीक के माता-पिता या उनके सहयोगियों को गिरफ्तारी और हिरासत की जगह के बारे में सूचित नहीं किया है.

हाथरस में युवती के साथ हुई हैवानियत (Hathras Gangrape) और राजनीतिक उठापटक के चलते हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. जिले में दाखिल होने वाले हर वाहन पर सख्त निगाह रखी जा रही है, इसी कड़ी में यूपी पुलिस (UP Police) ने दिल्ली से हाथरस आ रहे एक पत्रकार सिद्दीक कप्पन और तीन अन्य को हिरासत में ले लिया. पुलिस के अनुसार सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति दिल्ली से हाथरस की तरफ जा रहे हैं, जिसको देखते हुए टोल प्लाजा मांट पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी. इसी दौरान चार युवकों को हिरासत में लिया गया. पुलिस के मुताबिक गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर इन्हें रोका गया चारों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. 

पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए अतीक-उर-रहमान, सिद्दीक, मसूद अहमद और आलम के पास से पुलिस को मोबाइल, लैपटॉप और संदिग्ध साहित्य मिला. पूछताछ में इनका संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके सहयोगी संगठन कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) से होने की जानकारी मिली है. सिद्दीक पत्रकार हैं और पहले भी उन्हें PFI के संग रिश्तों के चलते कानूनी नोटिस भेजा जा चुका है.


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