TB disease prevention tips: आपको टीबी का रोगी नहीं बनने देंगे ये सीडलेस एप्रीकॉट और खुबानी – what to eat to prevent tuberculosis or tb disease

https://www.amazon.in/SFT-Seedless-Apricot-Handpicked-Turkish/dp/B082DGW7DF/ref=sr_1_6?dchild=1&keywords=dry+fruits+and+nuts+khumani&qid=1602836043&sr=8-6&tag=nbt_apnabazaar-21&ext_vrnc=hiट्यबरक्लॉसिस से बचाते हैं बिना बीज के ये एप्रिकॉट्स, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट भी होते हैं। तो फिर कड़वी और महंगी दवाओं को खाने से कहीं बेहतर है कि स्वस्थ रहते हुए ही आप नियमित रूप से इनका सेवन करें। आपने भी जरूर सुना होगा कि ‘प्रीकॉशन इज बेटर देन क्यॉर’ यानी बीमार होने के बाद रोग का इलाज कराने से कहीं बेहतर है कि खुद को इतना स्वस्थ रखा जाए कि बीमारी पास भी ना फटक पाए।

हमारे देश में लाखों लोग हर साल टीबी की बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। इसकी वजह है कि टीबी एक संक्रामक रोग है और हमारे देश में आज भी लोगों के बीच स्वच्छता और हाइजीन को लेकर बहुत अधिक जागरूकता नहीं है। यदि टीबी की बीमारी से ग्रसित लोग सार्वजनिक जगहों पर थूकते हैं तो जूते-चप्पलों पर लगकर या सांस के द्वारा यह संक्रमण स्वस्थ रोगियों को भी अपनी चपेट में ले सकता है।

सीडलेस एप्रीकॉट हैं लाभकारी
-आप सीडलेस एप्रीकॉट और खुबानी के सेवन से टीबी की बीमारी से बच सकते हैं। बदलते मौसम में आपको नियमित रूप से इनका सेवन करना चाहिए। क्योंकि संक्रामक रोग चेंजिंग वेदर के दौरान ही अधिक फैलते हैं।

Seedless Apricot, Handpicked (Turkish Apricot)

एप्रीकॉट और खुबानी में होती हैं ये खूबियां
-सूखे हुए एप्रिकॉट को खुबानी कहते हैं। ये दो तरह की होती हैं, एक जिनमें बीज होता है और दूसरी जिनमें बीज नहीं होता है। हमारे देश में मुख्य रूप से बीज युक्त खुबानी का ही उपयोग किया जाता है लेकिन सीडलेस एप्रिकोट भी इतने ही स्वास्थ्यवर्धक होते हैं।

-खुबानी और सीडलेस एप्रीकॉट्स विटमिन्स और मिरल्स का खजाना होते हैं। इनमें विटमिन- ए, विटमिन-सी और विटमिन-ई की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इसलिए आंखों की रोशनी और त्वचा की सुंदरता बढ़ाने के लिए आप नियमित रूप से इनका सेवन कर सकते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं
-आपक जानते हैं कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विटमिन-सी मुख्य भूमिका निभाती है। खुबानी और सीडलेस एप्रीकॉट विटमिन-सी का अच्छा सोर्स होते हैं। साथ ही ये बहुत अधिक खट्टे भी नहीं होते हैं।

-इसलिए जिन लोगों को खट्टे फल खाना पसंद नहीं है या खट्टी चीजें खाने से जिन लोगों के दांत और गले में समस्या होती है, वे भी इन दोनों ड्राई फ्रूट्स का नियमित उपयोग कर सकते हैं।

Dry Apricot / khumani / jardalu / aalu badam / Prunus /khurbani

हड्डियों को मजबूत बनाएं
-आपको बता दें कि एप्रीकॉट और खुबानी में पोटैशियम, मैग्नीज, नियासिन और विटमिन-बी 12 तथा ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जा है। ये सभी पोषक तत्व आपकी बोन्स को हेल्दी रखने के लिए बहुत जरूरी होते हैं।

-इसलिए जिन लोगों को हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत रहती है, उन्हें इन दोनों ड्राई फ्रूट्स का सेवन अवश्य करना चाहिए। ध्यान रखें कि साइट्रिक एसिड की उपस्थिति के कारण इन फलों में हल्का खट्टापन होता है। इसलिए इन्हें दूध के साथ खाने से परहेज करना चाहिए।


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