कराची: पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) के नेताओं ने कराची में आयोजित एक रैली में कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ‘अयोग्य और अज्ञानी’ हैं और उनकी सरकार तानाशाही शासन से भी बेकार है. पीडीएम 11 विपक्षी दलों का गठबंधन है. पीडीएम की अगली रैली 25 अक्टूबर को क्वेटा में है।
20 सितंबर को हुआ था पीडीएम का गठन
विपक्षी दलों ने 20 सितंबर को पीडीएम का गठन किया था और तीन चरण में सरकार विरोधी अभियान चलाने की घोषणा की थी. इसके तहत इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए देश भर में जन सभाएं, प्रदर्शन और रैलियां की जाएंगी और जनवरी 2021 में इस्लामाबाद के लिए लंबा मार्च निकाला जाएगा.
बिलावल भुट्टो ने इमरान खान को बताया अयोग्य
लाहौर के पास गुजरांवाला में शुक्रवार को पहली रैली निकाली गई थी. पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी (Bilawal Bhutto Zardari) ने बाग़-ए-जिन्ना में कहा, “अयोग्य और अज्ञानी प्रधानमंत्री को अब घर जाना होगा.” उन्होंने कहा, “इतिहास गवाह है कि बड़े से बड़े तानाशाह नहीं टिक पाए तो यह कठपुतली कैसे टिक पाएगी?” उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा, “यह कोई नई लड़ाई नहीं है, लेकिन यह एक निर्णायक लड़ाई होगी.”
ये नेता हुए थे रैली में शामिल
कारसाज दोहरे बम विस्फोट के 13 साल पूरे होने के दिन यह मार्च निकाला गया. 2007 में हुए इन बम धमाकों में पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो को निशाना बनाया गया था, जिसमें करीब 200 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ और शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी, पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी के अध्यक्ष महमूद अचकजाई और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फ़ज़ल (जेयूआई-एफ) के नेता मौलाना फ़ज़लुर रहमान भी इस रैली में शामिल हुए. पीपीपी ने मोहसिन डावर को भी आमंत्रित किया था, जो पश्तून तहफुज मूवमेंट (पीटीएम) के प्रमुख हैं.
मरियम ने नाकामी छिपाने के लिए सेना का इस्तेमाल
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज (Maryam Nawaz Sharif) ने ‘पीटीआई’ सरकार पर विपक्षी नेताओं को ‘गद्दार’ बताने के लिए निशाना साधा. पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष ने कहा, “जब जवाब मांगे गए, तो आप कह रहे हैं हम गद्दार हैं.” मरियम नवाज ने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की बहन फातिमा जिन्ना को भी गद्दार कहा गया. उन्होंने कहा, “हमें गद्दार कहकर डराए नहीं, जब आपसे (खान) सवाल किए गए तो आप सेना के पीछे छिप गए.” मरियम ने कहा, “आप उनका (सेना) इस्तेमाल अपनी नाकामी को छिपाने के लिए कर रहे हैं.”

