बीमार लोगों को व्रत के दौरान इस गलती से बचना चाहिए
पेट की किस दिक्कत में खाया जाता है खिचड़ा?
-हालांकि खिचड़ा खाने का कोई तय नियम नहीं है। जब आपका मन करे आप खा सकते हैं। लेकिन जब आपका पेट खराब हो, अपच, लूज मोशन, एसिड या गैस की समस्या आपको लगातार परेशान कर रही हो। तब आपको खासतौर पर खिचड़ा खाना चाहिए।
लूज मोशन में फायदा करती है मूंग दाल की खिचड़ी
-खिचड़ा या खिचड़ी को बनाने में मुख्य रूप से चावल और हरी छिलका युक्त मूंग दाल का उपयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त आप हरी धनिया पत्ती, मौसमी सब्जियां इत्यादि भी इसमें मिलाकर बना सकते हैं।
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-लेकिन लूज मोशन की स्थिति में खिचड़ा केवल हरी मूंग दाल के साथ ही तैयार किया जाता है। साथ ही इसे बनाने में पानी की मात्रा पुलाव इत्यादि से थोड़ी अधिक रखी जाती है। ताकि यह तरल (लिक्विड फॉर्म) बने। क्योंकि लूज मोशन होने पर पाचनतंत्र बहुत कमजोर हो जाता है और उस स्थिति में वॉटरी खिचड़ी पचाना उसके लिए आसान होता है।
लूज मोशन के दौरान पेट सही करने के लिए क्या खाएं
कैसे आराम पहुंचाता है खिचड़ा?
-जैसा कि आप जानते है कि खिचड़ा बनाने में चावल और छिलका युक्त दाल का उपयोग किया जाता है, इसलिए इसमें फाइबर, कार्बोहाइड्रेट्स और पानी तीनों पर्याप्त मात्रा में होते हैं।
-कार्बोहाइड्रेट्स शरीर को अंदर से मजबूती देने काम करता है। फाइबर धीरे-धीरे पचता है इसलिए यह आपके शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता रहता है। पानी शरीर में डिहाइड्रेशन नहीं होने देता है। क्योंकि लूज मोशन के दौरान शरीर में पानी की कमी होना आम बात होती है।
-इसलिए जब कभी आपको कुछ लाइट खाने का मूड हो या पेट में किसी भी तरह की गड़बड़ी हो तो आप खाने में खिचड़ा का उपयोग कर सकते हैं।
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