DNA ANALYSIS Pakistan PM Imran khans minister confession on pulwama attack | पाकिस्तान का बड़ा कबूलनामा, पुलवामा पर इमरान के मंत्री ​का ‘सच’

नई दिल्ली: कल देश के टुकड़े टुकड़े और सबूत गैंग के लिए बहुत बुरा दिन था, क्योंकि कल पहली बार पाकिस्तान की तरफ से दो ऐसे कबूलनामे आए जिन्हें सुनने के बाद सबूत गैंग और टुकड़े टुकड़े गैंग को आज रात भर नींद नहीं आएगी.

पाकिस्तान के एक मंत्री ने अपने देश की संसद में ये कबूल किया है कि 14 फरवरी 2019 को भारत के पुलवामा (Pulwama attack) में जो आतंकवादी हमला हुआ था, वो पाकिस्तान ने ही कराया था. पाकिस्तान के साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्री फवाद चौधरी ने पाकिस्तान की संसद में कहा कि पुलवामा हमला सिर्फ पाकिस्तान (Pakistan) की सरकार के लिए नहीं, बल्कि पूरे पाकिस्तान के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी थी.

पाकिस्तान ने आख़िरकार अपना गुनाह कबूल कर लिया
हमारे देश के कुछ नेता भले ही आज भी पुलवामा हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की बात स्वीकार न करें लेकिन इस हमले के 20 महीनों के बाद पाकिस्तान ने आख़िरकार अपना गुनाह कबूल कर लिया है. पिछले वर्ष फरवरी में हुए पुलवामा हमले में CRPF के 44 जवान शहीद हो गए थे और पाकिस्तान ने ये स्वीकार कर लिया है कि ये हमला पाकिस्तान की सरकार ने ही कराया था.

फवाद चौधरी, पाकिस्तान की PML (N) पार्टी के एक सांसद अयाज सादिक के उस बयान का जवाब दे रहे थे जिसमें अयाज सादिक ने दावा किया था कि जब भारत की वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान में पकड़ लिया गया था, तब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने पाकिस्तान की PPP और PML (N) जैसी पार्टियों के नेताओं के साथ एक बैठक की थी और जब जनरल बाजवा मीटिंग रूम में आए तो भारत के कड़े रुख की वजह से उनके पैर कांप रहे थे और वो पसीना पसीना हो गए थे. अयाज सादिक का दावा है कि वो खुद उस समय इस मीटिंग में मौजूद थे.

‘ पसीने से तर-बतर हो गए पाकिस्तान के सेना प्रमुख’
अयाज सादिक ने ये भी दावा है कि ये मीटिंग पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बुलाई थी. लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने उस मीटिंग में आने से इनकार कर दिया था. अयाज सादिक ने ये भी कहा कि पाकिस्तान ने अभिनंदन को छोड़ने का फैसला इसलिए किया क्योंकि पाकिस्तान को डर था कि ऐसा न करने पर भारत अगले 12 घंटे में पाकिस्तान पर हमला कर देगा और इसी हमले की आशंका की वजह से पाकिस्तान के सेना प्रमुख पसीने से तर-बतर हो गए.

अयाज सादिक पाकिस्तान के कोई छोटे-मोटे नेता नहीं हैं, बल्कि वो वर्ष 2013 के चुनाव में इमरान खान को हरा चुके हैं, तब इमरान खान ने अयाज सादिक पर चुनाव में धांधली के आरोप लगाए थे. लेकिन इमरान खान कोर्ट में इन आरोपों को साबित नहीं कर सके. अयाज सादिक और इमरान खान एक ही स्कूल से पढ़े हैं और वो वर्ष 2013 में पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली में स्पीकर भी रह चुके हैं. अयाज सादिक पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी PML(N) के भरोसेमंद नेताओं में से एक हैं और उन्हें नवाज शरीफ का करीबी माना जाता है.

भारत ने पाकिस्तान को सिखाया जबरदस्त सबक
फवाद चौधरी और अयाज सादिक के इन कबूलनामों से साफ है कि पाकिस्तान ने न सिर्फ पुलवामा में आतंकवादी हमला कराया था बल्कि जब विंग कमांडर अभिनंनदन वर्धमान को वापस लाने के लिए भारत ने पाकिस्तान पर दबाव बनाया तो पाकिस्तान के होश उड़ गए और भारत द्वारा हमला किए जाने के डर से पाकिस्तान के सेना प्रमुख और नेताओं के पैर कांपने लगे. लेकिन भारत का सबूत गैंग ये मानने को तैयार ही नहीं था कि भारत की वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की है और आतंकवादियों के कैंपों को नष्ट किया है. जिस समय भारत ने बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की थी और विंग कमांडर अभिनंदन को सुरक्षित वापस लाने के लिए कूटनीतिक अभियान चलाया था. उस समय भारत के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ थे. उन्होंने भी आज पाकिस्तान के इस कबूलनामे पर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि उस समय भारत की वायुसेना पाकिस्तान की फॉरवर्ड पोस्ट्स को तबाह करने के लिए बिल्कुल तैयार थी.

लेकिन सबूत गैंग ये मानने के लिए तैयार नहीं था कि भारत ने पाकिस्तान को जबरदस्त सबक सिखाया है. उस समय देश के टुकड़े टुकड़े गैंग और विपक्षी पार्टियों ने लगातार भारत की सरकार और सेना पर सवाल उठाए थे और कहा था भारत की वायुसेना ने पाकिस्तान को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है. कुछ नेताओं ने तो यहां तक कह दिया था कि सरकार ने ये हमला चुनाव जीतने के लिए कराया है.

लेकिन आज खुद पाकिस्तान ने इन लोगों को शर्मिंदा कर दिया है और अब जब अगली बार भारत की सेना चीन या पाकिस्तान के खिलाफ कोई पराक्रम दिखाएगी तो इन लोगों को ऐसे बयान देने से पहले सौ बार सोचना होगा.

ऐसा लगता है कि पुलवामा पर बयान को देखने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फवाद हुसैन से बात की होगी और उन्हें डांटा होगा. इसलिए अब फवाद हुसैन ने अपने बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया और वो आतंकवाद की निंदा करते हैं.




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