पेरिस: इस्लामिक आतंकवादी घटनाओं के बीच फ्रांस में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बीच देशभर में दूसरे लॉकडाउन को लागू करने की घोषणा कर दी गई है. महामारी की दूसरी लहर को रोकने के लिए ऐसा किया गया है. गुरुवार रात से यह घोषणा प्रभावी हो गई है और देश के 6.7 करोड़ निवासी कम से कम दिसंबर की शुरुआत तक नए लॉकडाउन में रहेंगे. इस घोषणा के प्रभावी होने से पहले ही गुरुवार शाम को पेरिस की सड़कों और आस-पास के इलाकों में भयंकर ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई. न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक यदि पेरिस के भीतर और आस-पास के इलाकों में लगे जाम को किमी के लिहाज से नापें तो तकरीबन 700 किमी लंबा ट्रैफिक जाम लग गया.
इसका सबसे बड़ा कारण ये रहा कि ये नया लॉकडाउन तकरीबन एक महीने के लिए प्रभावी है. इसलिए गुरुवार मध्यरात्रि को इस घोषणा के प्रभावी होने से पहले ही लोग अपने-अपने शहरों के लिए या सामान एकत्र करने के लिए खरीदारी के लिए निकल पड़े. दूसरा बड़ा कारण ये भी रहा कि इस वीकेंड सेंट्स डे हॉलीडे भी पड़ रहा है. इसलिए भी लोग अन्य शहरों, घरों, ग्रामीण इलाकों में अपने घरों को जाने के लिए निकल पड़े. इसलिए ये स्थिति उत्पन्न हुई.
कोरोना का बढ़ता संकट
फ्रांस में 24 घंटों में कोरोना के 47,637 नए मामले दर्ज किए गए, जिससे कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,327,852 हो गई जबकि महामारी की दूसरी लहर को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन लागू हो गया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 36,058 हो गई है, जबकि वर्तमान में कुल 21,183 संक्रमित मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 3,156 इंटेन्सिव केयर में हैं.
इस दौरान जो लोग घर से काम नहीं कर सकते, उन्हें काम के लिए बाहर जाने की अनुमति होगी. आवश्यक सामान खरीदने के लिए, या स्वास्थ्य आपातकाल और डेली एक्सरसाइज के एक घंटे के लिए भी बाहर जाने की अनुमति होगी. यूनिवर्सिटी के छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए कहा गया है. बार, कैफे, जिम और रेस्तरां सहित गैर-जरूरी दुकानें बंद रहेंगी.
निजी बैठकों और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और सांस्कृतिक समारोहों और सम्मेलनों पर भी रोक लगा दी गई है. लेकिन मार्च-मई के विपरीत, एल्डरली नर्सिग होम विजिट करने की अनुमति है.
नर्सरी, प्राथमिक और मध्य विद्यालय के साथ-साथ सार्वजनिक संस्थान स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के साथ खुले रहेंगे. छह साल और उससे अधिक आयु के स्कूली बच्चों को कक्षा में मास्क पहनना होगा.
पहले मास्क पहनना 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए अनिवार्य था. इसके अलावा, कारखानों का संचालन जारी रहेगा, जबकि निर्माण और खेती संबंधी गतिविधियां भी जारी रहेंगी.
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि देश में ‘जबरदस्त रूप से दूसरी लहर का खतरा है और इसमें कोई संदेह नहीं कि यह पहले वाले से ज्यादा भयावह होगा.’

