कोरोना काल में तय गाइडलाइन के मुताबिक श्रद्धालु छठ पूजा मना सकेंगे (फाइल फोटो)
कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोरोना (Corona Virus) के गाइडलाइन का पालन करते हुए इस वर्ष घाटों पर छठ पूजा (Chhath Festival 2020) का आयोजन नहीं किया जाएगा. कोरोना काल में श्रद्धालु अपने घरों में ही घाट स्थापित कर सूर्य देव को अर्ध्य देंगे
- News18Hindi
- Last Updated:
November 3, 2020, 8:50 PM IST
वहीं सरगुजा में भी श्रद्धालु छठ पर्व को हर्षोल्लास और पूरी श्रद्धा से मनाते हैं. लेकिन कोविड-19 को देखते हुए इस वर्ष यहां घाटों पर छठ पर्व की रौनक देखने को नहीं मिलेगी. प्रशासन ने छठ समितियों के अध्यक्षों की बैठक बुलाकर अहम निर्णय लिया है. कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोरोना के गाइडलाइन का पालन करते हुए इस वर्ष घाटों पर छठ पूजा का आयोजन नहीं किया जाएगा. कोरोना काल में श्रद्धालु अपने घरों में ही घाट स्थापित कर सूर्य देव को अर्ध्य देंगे. प्रशासन के इस फैसले का ज्यादातर छठ समितियों ने समर्थन किया है, और कोरोना के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए वृहद रूप से घाटों का निर्माण कर सार्वजनिक रूप से छठ पूजा नहीं मनाने का फैसला लिया है.
वहीं कुछ समितियों ने प्रशासन के इस फैसले का विरोध भी किया है. उनका कहना है कि प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर छठ पूजा सार्वजनिक रूप से घाट पर मनाने की मांग करेंगे.
24 घंटे के दौरान कोविड 19 संक्रमण के 1700 नए मामले बता दें कि राज्य में कोरोना संक्रमण रूक नहीं रहा है. पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस के 1700 नए मामले सामने आए हैं. जिसके बाद छत्तीसगढ़ में संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,90,513 हो गई है. सोमवार को ही 11 लोगों की इस महामारी के चलते मौत हो गई. जबकि इस दौरान 240 लोगों को स्वस्थ होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई.
कोविड 19 वायरस से राज्य भर में अब तक संक्रमित 2,208 लोगों की जान चली गई है.

