दुबई: कुवैत (Kuwait) की संसदीय महिला समिति (Parliamentary women’s committee) में सिर्फ पुरुषों की नियुक्ति पर हंगामा बरपा है. खाड़ी देशों में अलग हैसियत रखने वाले मुल्क में लिए फैसले की व्यापक आलोचना हो रही है. वहीं सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को जमकर ट्रोल किया जा रहा है.
‘लैंगिक आधार पर भेदभाव का आरोप’
सोशल मीडिया के तकरीबन हर प्लेटफॉर्म पर ये फैसला वायरल है. संसदीय समिति की हालिया नियुक्तियों के बाद कुवैत में लैंगिक समानता को लेकर बहस छिड़ गई है. बुधवार को गठित समिति में पुरुषों की नियुक्ति के फरमान की हंसी उड़ाई जा रही है.
सूचना प्रसारण मंत्रालय ने दी फैसले की जानकारी
कुवैत के सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा अधिकृत सरकारी ई पेपर (Kuwaiti electronic paper) ने समिति की नई नियुक्तियों के बारे में जानकारी ट्वीट की थी. इसके फौरन बाद ही फैसले पर सवाल उठने शुरू हो गए थे. प्रमुख नामों की बात करें तो न्यासी बोर्ड (Board of trustees) में सालेह वेब अल-मुतैरी, ओसामा अहमद अल-मुनवर और ओसामा एसा अल-शाहीन का नाम शामिल हैं.
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ट्विटर पर यूं शुरू हुआ फैसले पर प्रतिक्रियाओं का दौर
Kuwait में सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर कुछ यूजर्स ने दुख जताया वहीं कई लोगों ने सरकारी फैसले पर यूं मजे लिए आइए दिखाते हैं.
I’ve been trying to thinking of some decent way to respond but I can’t. Anyways, this is what the people there voted for. Reap what you sow. https://t.co/YriyjtMvyP
— Maryam (@BeachyBedouin) December 22, 2020
No one can help women except women themselves, and my country wouldn’t and would never acknowledge that in million years. Forever doomed to be victims in a male dominated society! https://t.co/QbjHAVl8nn
— shather (@0shather0) December 23, 2020
not to be judgmental, but those are some odd-looking women https://t.co/tJ7YzghnbD
— (@hokpakh3) December 23, 2020
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