Bhutan is the first country to receive India’s gift of the COVID 19 vaccine dispatches 1.5 lakh doses | भारत की वैक्‍सीन डिप्‍लोमेसी, भूटान को सबसे पहले गिफ्ट में भेजी इतने लाख Corona Vaccine

नई दिल्‍ली: भारत ने मंगलवार को घोषणा की कि वह सहायता अनुदान के तहत बुधवार से भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और सेशेल्स को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति करेगा.  इसी के तहत आज से भारत सरकार ने भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और सेशेल्स को कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति शुरू कर दी है.

कोविशील्ड के 1.5 लाख डोज भेजे गए

आज सबसे पहले भूटान (Bhutan) को गिफ्ट के तौर पर कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine)  कोविशील्ड (Covishield) के 1.5 लाख डोज भेजे गए हैं. सीरम इंस्टीट्यूट की यह कोविशील्ड वैक्सीन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बुधवार सुबह भूटान के थिम्पू के लिए रवाना हुई. 

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था कि भारत वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य सेवा जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘भरोसेमंद’ सहयोगी बनकर काफी सम्मानित महसूस कर रहा है और बुधवार से टीकों की आपूर्ति शुरू होगी और आने वाले दिनों में और काफी कुछ होगा. 

बता दें कि भारत दुनिया के सबसे बड़े दवा उत्पादक देशों में से एक है और कोरोना वायरस का टीका खरीदने के लिए काफी देशों  ने भारत से संपर्क किया है. 

चरणबद्ध तरीके से सहयोगी देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति

विदेश मंत्रालय ने कहा कि घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत आगामी हफ्ते, महीने में चरणबद्ध तरीके से सहयोगी देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करेगा. 

मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत इस संबंध में श्रीलंका, अफगानिस्तान और माॅॅरिशस से टीके की आपूर्ति के लिए जरूरी नियामक मंजूरी की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहा है. 

इसमें कहा गया है कि भारत को महत्वपूर्ण सहयोगी देशों और पड़ोसियों से भारत निर्मित टीके की आपूर्ति के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं. 

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मंत्रालय ने कहा, ‘इन अनुरोधों की प्रतिक्रिया और कोविड महामारी के खिलाफ मानवता की लड़ाई में सभी की मदद और भारत के टीके के उत्पादन एवं आपूर्ति की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए 20 जनवरी से भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, सेशेल्स को आपूर्ति शुरू की जाएगी. ’ 

बयान के अनुसार, श्रीलंका, अफगानिस्तान, मॉरीशस के संबंध में जरूरी नियामकीय मंजूरी का इंतजार है. 

गौरतलब है कि भारत ने देशभर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को दो टीके कोविशील्ड और कोवैक्सीन लगाने के लिये व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है. आक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनिका कोविशील्ड टीके का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट कर रहा है जबकि कोवैक्सीन का उत्पादन भारत बायोटेक कर रहा है. 

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भारत निर्मित टीकों की आपूर्ति के लिए कई अनुरोध प्राप्‍त हुए

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘भारत ने मानवता के लिये टीका देने की प्रतिबद्धता पूरी की है. हमारे पड़ोसी देशों को 20 जनवरी से टीके की आपूर्ति शुरू हो जाएगी.  कोविड की चुनौतियों से निपटने के लिये फार्मेसी की आपूर्ति होगी. ’ समझा जाता है कि पाकिस्तान ने अभी तक इसके लिए भारत से सम्पर्क नहीं किया है. 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि टीके की आपूर्ति से पहले 19-20 जनवरी को प्रशासनिक एवं परिचालन संबंधी आयामों को शामिल करते हुए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जो प्राप्तकर्ता देशों के टीकाकरण प्रबंधकों, कोल्ड चेन अधिकारियों, संवाद अधिकारियों, डाटा प्रबंधकों के लिए होगा. 

भूटान के अलावा, अन्य पड़ोसी देशों को इसी तरह आज अलग-अलग समय पर भारत सरकार वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी. विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत सरकार को पड़ोसी और प्रमुख भागीदार देशों से भारत निर्मित टीकों की आपूर्ति के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं.  इन अनुरोधों के जवाब में आपूर्ति सुनिश्चित करने का फैसला किया गया है.  विदेश मंत्रालय ने कहा कि श्रीलंका, अफगानिस्तान और मॉरीशस के संबंध में आवश्यक नियामक मंजूरी की प्रतीक्षा है. 

मंत्रालय ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से भारत में टीकाकरण कार्यक्रम लागू किया जा रहा है, घरेलू आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भारत आने वाले हफ्तों और महीनों में कोविड टीकों की आपूर्ति जारी रखेगा.  यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घरेलू निर्माताओं के पास विदेश में आपूर्ति करते समय घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए  पर्याप्त स्टॉक होगा. 

कोरोना काल में भी जरूरी चीजों की आपूर्ति 

भारत ने कोरोना काल में भी भूटान को कोविड-19 प्रतिबंधों के बावजूद हर जरूरी सामान की आपूर्ति की थी. भारत ने भूटान को अब तक करीब 2.8 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत की जरूरी दवाइयां, मेडिकल सप्लाई, पारासिटामोल, हाइड्रोक्सीक्लोक्वीन, पीपीई किट, एन-95 मास्क, एक्स-रे मशीनें और टेस्ट किट उपलब्‍ध कराया है. भारत और भूटान के बीच एक ट्रांसपोर्ट बबल समझौता भी हुआ था जिससे  दोनों देशों के बीच सुरक्षित हवाई यात्रा को सुनिश्चित किया जा सके.




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