
Farmer’s Protest in Delhi: गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान कई स्थानों पर किसानों की पुलिस से झड़प हुई
नई दिल्ली:
Farmers’ Rally: संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस पर किसानों की ओर से निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में संगठन की किसी भी जिम्मेदारी से इनकार किया है. मोर्चा के सदस्य राजेंदर सिंह ने NDTV से बातचीत में कहा, ‘कल जो लाल किले पर हुआ,जो हिंसा हुई उसके लिए हम ज़िम्मेदार नहीं हैं.’ उन्होंने कहा, ‘कल लाल क़िले पर धार्मिक झंडा लगाना बेहद ग़लत है. जिन्होंने कल बैरिकेड तोड़े, वे सतनाम पन्नू ग्रुप के सदस्य हैं .हमने उन्हें दो बार बुलाकर समझाया था पर वे नहीं माने..’
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राजिंदर सिंह ने कहा कि दीप सिद्दू कैसे लाल क़िले तक पहुंच गया. जिन लोगों ने कल लाल किले पर हंगामा किया वो गद्दार हैं. हमने तय समय से 10:30 बजे मार्च शुरू किया था,पर पन्नू ग्रुप 7 बजे निकल गया उन्हें पुलिस ने क्यों नहीं रोका? मोर्चा के सदस्य ने कल लाल क़िले पर जो हुआ वह निंदनीय है. दीप सिद्दू और लख्खा सिधाना ने एक दिन पहले रात में मंच पर आकर भड़काया. मंच पर आकर शराब पी और बदतमीज़ी की. ये सब धर्म की बेअदबी है. दीप सिद्धू बीजेपी का आदमी है, सनी देओल का क़रीबी है. उन्होंने कहा कि हम बैठक के बाद अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे. किसान नेताओं ने फिर दोहराया, बिल वापस होने तक शांतिपूर्ण आंदोलन करते रहेंगे, 7 बड़ी बातें गौरतलब है कि ट्रैक्टर रैली के दौरान नांगलोई में किसानों और पुलिस के बीच जोरदार झड़प हुई. किसानों ने बसों और पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की. सरकारी वाहनों में भी उन्होंने तोड़फोड़ की, लाठियां चलाईं और पुलिस बल पर पथराव किया. हालात को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.
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