मसूड़ों से आता हो खून तो हो जाएं सावधान, Vitamin-C से भरपूर इन चीजों को करें डाइट में शाम‍िल – add vitamin c to your diet to prevent bleeding gums problems

इस बीच एक स्टडी में सामने आया है क‍ि व‍िटाम‍िन-सी की कमी भी मसूड़ों से खून आने का कारण हो सकती है। नेशनल हैल्थ एंड न्यूट्रीश‍न एग्जाम‍िनेशन सर्वे के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर रिसर्च करने वालों ने पाया कि ज‍िन पार्टीस‍िपेंट के ब्लड में विटामिन-सी का लेवल कम था, उनके मसूड़ों से खून आने और आंखों में खून आने ( रेटिना हैमर‍िज‍िंग) की संभावना ज्यादा थी। कम विटामिन-सी प्लाज्मा लेवल वाले पार्टीस‍िपेंट के विटामिन-सी का सेवन बढ़ाने से उनके मसूड़ों से ब्लीडिंग को रोकने में मदद मिली और रेटिना हैमर‍िज‍िंग की समस्या भी कम हो गई।

स्टडी के प्रमुख लेखक और यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन स्कूल ऑफ डेंटिस्ट्री के ओरल हेल्थ साइंस के सहायक प्रोफसर प्रोफेसर फिलिप ह्यूजेल का कहना है क‍ि स्डडी के नतीजे काफी अहम हैं, क्योंकि मसूड़ों से खून आना और रेटिना हैमर‍िज‍िंग माइक्रोवस्कुलर सिस्टम की समस्या की तरफ इशारा हो सकती है। यह स‍िस्टम मस्तिष्क, हृदय और गुर्दे समेत शरीर की छोटी रक्त वाहिकाओं को घेर लेती है। विटामिन-सी प्लाज्मा लेवल पर ध्यान देने और किसी भी कमियों को दूर करने से पूरे शरीर में माइक्रो ब्लीड‍िंग की समस्या को कम क‍िया जा सकता है।

हालांकि मसूड़ों से खून आने पर दांतों को ब्रश करना या फ्लॉसिंग करना अच्छा है, लेकिन इससे समस्या की जड़ तक नहीं पहुंचा जा सकता। इसके लिए अपने डाइट में विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है।

मसूड़ों से ब्लीडिंग होने पर होनेवाली समस्या

मसूड़ों से ब्लीडिंग होने के कारण होने वाले अन्य लक्षणों में शामिल हैं- बदबूदार सांस, मसूड़ों का ढीलापन, मसूड़ों में सूजन, मसूड़ों का लाल या बैंगनी रंग का होना, ढीले दांत मुंह के छाले या अल्सर।

इसके अलावा मसूड़ों से ब्लीडिंग होने पर शरीर की प्रणालियों से अन्य संबंधित लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं: हड्डी और जोड़ों का दर्द या कोमलता, खूनी उल्टी, गर्दन में सूजन ग्रंथियां (लिम्फैडेनोपैथी), भूख न लगना, वज़न घटना, बुखार होना, कमर में दर्द , शरीर में कमजोरी या थकान पीरियड की अनियमितता, सोते समय पसीना आना, नाक से खून आना या त्वचा से खून बहना और त्वचा का पीलापन।

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बथुए की पत्तियां चबाने से तुरंत मिलेगा फायदा

हरी पत्तेदार सब्जी बथुआ साग में विटामिन सी और कैल्शियम भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, दांतों के स्वास्थ्य के लिए ये बहुत ही फायदेमंद होते हैं। मसूड़ों से ब्लीडिंग होने पर बथुए की पत्तियों को कच्चा चबाएं, तुरंत लाभ मिलेगा। मुंह की अन्य समस्याओं जैसे सांस की बदबू, पायरिया वगैरह में भी बथुए की कच्ची पत्तियों को चबाने से फायदा होता है।

संतरा ऐसे करेगा मसूड़ों की सूजन दूर

संतरे में विटामिन-सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। मसूड़ों से ब्लीडिंग की समस्या होने पर एक कप संतरे के जूस में एक चुटकी जीरा पाउडर और आधा चम्मच नेचुरल शुगर मिलाकर पिएं। कुछ दिनों तक लगातार सेवन करने से समस्या से छुटकारा मिल जाता है और मसूड़ों की सूजन भी दूर होती है।

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रेगुलर डाइट में शामिल करें नींबू

खट्टे फलों में विटामिन-सी होता है जो मसूड़ों के लिए अच्छा होता है। नींबू में मौजूद विटामिन सी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। नींबू में पाए जाने वाले एंटीबैक्टीरियल के कारण दांतों में संक्रमण नहीं होता और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों के कारण मसूड़ों में सूजन की समस्या नहीं होती। मसूड़ों से खून आने की समस्या होने पर अपने डाइट में नींबू को शामिल करें। चाहें तो नींबू पानी पिएं या सलाद में नींबू निचोड़ कर खाएं, फायदा दोनों से ही मिलेगा।

मुंह के रोगों के लिए कारगर है गाजर

पौष्टिकता से भरपूर गाजर में विटामिन ए, डी, सी, बी-6, प्रोटीन, सोडियम, कार्बोहाइड्रेड, पोटेशियम आदि होते हैं।
गाजर का औषधीय गुण मुंह के रोगों के लिए काफी फायदेमंद होता है। मसूड़ों से ब्लीडिंग होने पर गाजर के ताजे पत्तों को चबाने से लाभ मिलता है। इसके अलावा गाजर का जूस निकालकर पीने से मुँह के अल्सर, मुख के दुर्गंध और मसूड़ों से ब्लीडिंग की समस्या होने पर लाभ मिलता है।

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आंवला द‍िलाएगा मसूड़ों में सूजन और ब्लीड‍िंग से निजात

औषधीय गुण से भरपूर आंवला में सबसे ज्यादा विटामिन-सी पाया जाता है। चूंकि मसूड़ों से खून आने का एक कारण शरीर में विटामिन-सी की कमी होती है, जिसके कारण मसूड़ों में सूजन और खून आने जैसी समस्या होती है। आंवले के नियमित सेवन से इसमें मौजूद बैक्टीरियल संक्रमण से लड़ने के गुण के कारण यह मसूड़ों से ब्लीडिंग की समस्या को दूर करने में लाभकारी होता है और शरीर में विटामिन-सी की कमी को दूर करता है।


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