Jewish Holocaust: Female camp secretary charged with complicity in 10,000 murders | Jewish Holocaust: 10 हजार यहूदियों की हत्या में शामिल महिला के खिलाफ केस, 90 की उम्र में जुवेनाइल कोर्ट देगी सजा!

हैम्बर्ग: नाजी जर्मनी के समय 60 लाख से ज्यादा यहूदियों के उत्पीडन, सामूहिक नरसंहार के दिल दहलाने वाले मामलों में अब भी जर्मनी की सरकार का रुख अडिग है. जर्मन सरकार ने हत्यारों को सजा देने और मानवता को शर्मसार कर देने वाले उस भयावह दौर की निशानियों को मिटाने की प्रतिबद्धता कायम रखी है. इसी कड़ी में अब 95 साल से अधिक उम्र की उस महिला के खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा है, जो नाजियों की सहयोगी थी और पोलैंड में एक ऐसे कैंप की सेक्रेटरी थी, जिसमें 10 हजार से ज्यादा लोगों की सामूहिक हत्याएं की गई और लाखों लोगों पर जुल्म ढाए गए.

हैम्बर्ग में रहती है आरोपी महिला

जर्मनी की सरकार ने पिछले 10 सालों में कई ऐसे लोगों पर मुकदमे चलाए हैं, जो नाजी पार्टी के सहयोगी थे. ऐसे ही एक मामले में नाजी जर्मनी के कब्जे वाले पोलैंड के डैंजिंग (अब ग्डांस्क) के पास बने कैंप में काम कर रही चुकी महिला के खिलाफ मुकदमा शुरु किया है. इस महिला की उम्र 95 साल बताई जा रही है और जब वो काम कर रही थी, तब वो नाबालिग थी. ऐसे में 95 साल की उम्र में भी अब जब उनपर मुकदमा चलाया जा रहा है, तो वो जुवेनाइल कोर्ट में चलाया जा रहा है. महिला का नाम इर्मगार्ड एफ. है, जो उस कैंप में स्टेनोग्राफर और कैंप कमांडर की सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रही थी. हालिया कई सालों में ये पहला मौका है, जब किसी महिला के खिलाफ इस तरह का केस चलाया जा रहा है.

यहूदी, पोलिश और रूसियों की हुई थी सामूहिक हत्याएं

डैंजिंग में चल रहे उस कैंप में यहूदी लोगों की हत्याएं की गई थी. पोलैंड के राजनीतिक बंदियों को भी वहीं रखा गया था और रूसी युद्धबंदियों को भी. उस कैंप में 10 हजार से भी ज्यादा लोगों की हत्याओं की आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो चुकी है. खास बात ये है कि जर्मनी के बाद सबसे ज्यादा किसी देश में यहूदियों का नरसंहार हुआ, तो वो पोलैंड ही था. जो उस समय जर्मनी के कब्जे में था.

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सीधे हत्या का मुकदमा नहीं चलेगा

अधिकारियों ने बताया कि महिला अभी हैम्बर्ग के वृद्धावास में है. उसके खिलाफ सीधे तौर पर हत्या का मुकदमा नहीं चलेगा. बल्कि हत्याओं में भागीदारी, प्लानिंग का मामला चलेगा. चूंकि वो उस समय नाबालिग थी, ऐसे में उसे अधिकतर दो साल की सजा दी जा सकती है. हालांकि सांकेतिक तौर पर इस सजा का व्यापक असर पड़ेगा. 




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