रिहाई पश्चात बन्दियों को आजीविका उपार्जन के बेहतर अवसर उपलब्ध हो


रिहाई पश्चात बन्दियों को आजीविका उपार्जन के बेहतर अवसर उपलब्ध हो – मंत्री डॉ. मिश्रा


मध्यप्रदेश कौशल विकास बोर्ड की बैठक सम्पन्न
 


भोपाल : सोमवार, मार्च 8, 2021, 20:55 IST

जेलों में बंदियों को उद्योगों की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षित कर रिहाई के पश्चात बेहतर तरीके से आजीविका उपार्जन के लिये समर्थ एवं सक्षम बनाया जाना जरूरी है। गृह एवं जेल मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मध्यप्रदेश कौशल विकास बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बंदियों को उद्योग की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षित करने के लिये वृहद कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि रिहाई के पश्चात बंदियों को आजीविका उपार्जन में समर्थ बनाने के लिये प्रशिक्षित करना आवश्यक है, जिससे कि वे बेहतर तरीके से अपना जीवन-यापन कर सकें। बैठक में एसीएस गृह डॉ. राजेश राजौरा के साथ उद्योग, स्वास्थ, कृषि, कौशल विकास, वित्त, वृहद उद्योग एवं जेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में महानिदेशक जेल श्री अरविंद कुमार ने बताया कि वित्तिय वर्ष 2021-22 में जेलों में संचालित हो रहे उद्योगों के लिये एकमुश्त अनुदान के रूप में 6 करोड़ रूपये राशि का प्रावधान किया गया है। राशि का उपयोग कर जेलों में निर्देशानुसार बंदियों के लिये प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। मंत्री डॉ. मिश्रा ने निर्देशित किया कि जेलों में उपयोग में आने वाली सामग्री का उत्पादन एवं निर्माण बंदियों के द्वारा ही किये जाने पर जेल विभाग आत्म-निर्भर बन सकेगा। डॉ. मिश्रा ने बैठक में उद्योगों के विकास हेतु उत्पादन नीति, वित्तीय प्रबंधन, बंदियों द्वारा उत्पादित सामग्री की मार्केटिंग के साथ ही बंदियों के कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण पर विचार-विमर्श किया जाकर कार्य-योजना तैयार करने के निर्देश दिये।


अलूने


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