bel patra benefits in hindi: Maha Shivaratri: महादेव को अति प्रिय है यह देसी फल, डायबिटीज समेत इन बीमारियों के लिए है संजीवनी बूटी – maha shivaratri 2021 vrat bel patra and its fruit health benefits offered to shiv ji controls diabetes blood pressure

गर्मियों में बेल का जूस पीना काफी फायदेमंद होता है। यह शरीर को न केवल ठंडक देता है बल्कि हाइइ्रेट भी रखता है। बेल एक ऐसा फल है, जिसका इस्तेमाल कई रोगों को दूर करने के लिए किया जाने लगा है। कम ही लोग इस फल के बारे में जानते हैं। लेकिन हिंदू धर्म ग्रंथ में बेल के पेड़ का बहुत महत्व है। इसे भगवान शिव के पसंदीदा पेड़ के रूप में जाना जाता है। भगवान शिव की पूजा करते समय मुख्य रूप से बेलपत्र चढ़ाए जाने की मान्यता है। इसका फल बाहर से कठोर लेकिन भीतर से नरम , गूदेदार और बीजों से युक्त होता है।

आपको बता दें कि बेल फल बीटा कैरोटीन, प्रोटीन, राइबोफ्लेविन और विटामिन सी जैसे विभिन्न पेाषक तत्वों का पॉवर पंच है। इसमें विटामिन बी-1 और बी-2, थियामिन, नियासिन, कैल्शियम, पोटेशियम, फाइबर ओर मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इतना ही नहीं ये फल अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेट्री गुणों के लिए भी लोकप्रिय है। पोषक तत्वों से भरपूर और औषधीय गुण होने के कारण बेल का इस्तेमाल कई तरहों की दवाइयां बनाने में किया जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं बेल फल के तमाम चिकित्सीय फायदों के बारे में।

​कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करे-

बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित में रखने के लिए बेल बढिय़ा उपाय है। यह फल शरीर से एएमए विषाक्त पदार्थों को हटाकर शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है। यह ट्राइग्लिसराइड्स , सीरम और लिपिड प्रोफाइल को भी नियंत्रित करने में मददगार है। इससे मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और वजन कम करना भी आसान हो जाता है।

​दिल के जोखिम को कम करे-

नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट और कार्डियो प्रोटेक्टिव फल होने की वजह से बेल ह्दय के लिए बहुत फायदेमंद है। यह न केवल ह़दय की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करने के लिए जाना जाता है। इससे हार्ट ब्लॉक्स , हार्ट अटैक और ब्लड क्लॉट जैसे जोखिमों को कम करने में बहुत मदद मिलती है।

​त्वचा के लिए फायदेमंद-

स्किन एलर्जी और स्किन डिसऑर्डर से छुटकारा पाने के लिए बेल का उपयोग करना अच्छा है। एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण इस फल में त्वचा के संक्रमण से लडऩे की क्षमता अधिक होती है। यह त्वचा के विकारों को ठीक करता है और त्वचा के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।

​कान के दर्द का इलाज करे-

कान में दर्द हो , तो बेल का उपयोग कर इसे चुटकियों में ठीक किया जा सकता है। बेल में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण संक्रमण का इलाज करने और कान में जमी वैक्स को हटाने में सहायता करता है। इससे दर्द तो दूर होता ही है साथ ही कम सुनाई देने की समस्या भी ठीक हो जाती है।

​दस्त और हैजा के लिए फायदेमंद-

दस्त और हैजा होने पर बेल का रस बहुत फायदेमंद है। एंटीबैक्टीरियल और एंटीपैरासिटिक गुणों के अलावा बेल में मौजूद टैनिन की उपस्थिति शिगेलोसिस नाम के संक्रमण से लडऩे में सक्षम है। कई अध्ययनों के अनुसार, रस के रूप में पके हुए बेल का सेवन करने से हैजा और दस्त पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं।

​खून साफ करे

खून साफ करने की बात हो, तो बेल से अच्छा कुछ नहीं है। ब्लड प्यूरीफिकेशन के लिए ये सबसे आसान तरीका है। उच्च मात्रा में पोटेशियम होने के कारण यह रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है। बेल के रस में गुनगुना पानी और शहद मिलाकर पीने से हार्ट, लीवर और किडनी की समस्या में बहुत राहत मिलता है।

​डायबिटीज में लाभकारी बेल

डायबिटीज से ग्रसित लोगों के लिए बेल बहुत लाभकारी बताया गया है। बेल के पेड़ की छाल और शाखाओं में मौजूद “फेरोनिया गम” नाम का घटक शुगर को कंट्रोल करने में सहायक है। यह कोशिकाओं से ब्लड फ्लो में इंसुलिन के उत्पादन को नियंत्रित करता है। बेल का लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखता है।

​पाचन और कब्ज दूर करे

नियमित रूप से बेल का रस पीने से कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है। एंटीबैक्टीरियल, एंटी-फंगल गुणों के कारण पाचन संबंधी समस्याओं का इलाज करने के लिए बेल बेहतरीन फल है। पेट के अल्सर से पीडि़त लोगों को अक्सर यह फल खाने की सलाह दी जाती है। एक चुटकी नमक और काली मिर्च के साथ बेल के रस का नियमित सेवन करने से पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या भी दूर हो जाती है।


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