physical inactivity and covid: Covid-19 2nd wave: आलसी लोगों को जल्‍दी चपेट में लेता है कोरोना, बचने के लिए रोज करें एक्सरसाइज; रिसर्च ने किया दावा – physical inactivity linked to more severe covid 19 infection death study in hindi

​व्‍यायाम न करने से होती हैं गंभीर बीमारियां

रिसर्च की मानें तो जो लोग समय की कमी के चलते व्यायाम नहीं कर पाते या आलस के चलते दिनभर एक ही जगह पर बैठे रहते हैं, ऐसे लोगों में कोरोना से मौत की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञ के अनुसार, शारीरिक गतिविधि आपके स्वास्थ्य में सुधार के लिए बहुत जरूरी है।

खासतौर से यह आपके जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है। इसे करने से आप कैंसर, हृदयरोग और टाइप -2 डायबिटीज जैसे रोगों से बचे रहेंगे। लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करते, तो गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती हैं। यह बात इस रिसर्च में साबित हो चुकी है।

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​रिसर्च में दावा

रिसर्च में 50 हजार लोगों को शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 रोगियों में व्यायाम की कमी गंभीर लक्षणों और मौत से जुड़ी हुई है। कम से कम दो साल पहले महामारी के कारण जिन लोगों ने शारीरिक रूप से कोई एक्टिविटी नहीं की, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ गई और उनमें धुम्रपान, मोटापा और उच्च रक्तचाप जैसे गंभीर लक्षण देखे गए।

​व्यायाम की कमी से बढ़ सकता है संक्रमण-

ये बात सुनने में थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन ये देखने के लिए कि क्या व्यायाम की कमी गंभीर संक्रमण , अस्पताल में भर्ती होने या फिर मौत की संभावना को बढ़ाती है शोधकर्ताओं ने जनवरी और अक्टूबर 2020 के बीच कोरोना संक्रमित अमेरिका में 48,440 रोगियों को शमिल किया।

इन सभी की आयु 47 वर्ष थी। इनमें पांच में से तीन महिलाएं थीं, जिन्हें मोटापा था। इनका बीएमआई 31 को पार कर गया था। लगभग आधे मरीजों में किसी को कोई बीमारी नहीं थी। 20 प्रतिशत युवा डायबिटीज, पुरानी फेफड़ों की स्थिति, कैंसर, गुर्दे की बीमारी और हदय रोग से पीड़ित थे।

जबकि 30 प्रतिशत से ज्यादा लोगों में दो से ज्यादा बीमारी देखी गईं थीं। रिसर्च में सभी रोगियों ने आउट पेशेंटों क्लीनिकों में मार्च 2018 और मार्च 2020 के बीच कम से कम तीन बार नियमित शारीरिक गतिविधि की रिपोर्ट भी दी। इसमें 15 प्रतिशत ने कुछ को निष्क्रिय बताया। यानि की ये लोग सप्ताह में मात्र 10 मिनट शारीरिक गतिविधि करते थे। जबकि 80 प्रतिशत ने माना कि वे शारीरिक रूप से एक्टिव हैं। इन लोगों ने बताया कि वे 11-149 मिनट कुछ न कुछ एक्टिविटी जरूर करते हैं। सात प्रतिशत लोगों ने खुद को पूरी तरह से फिट बताया। विशेषज्ञों की मानें, तो फिट रहने के लिए हर हफ्ते 150-200 मिनट वॉक जरूर करनी चाहिए। इससे बॉडी एक्टिव बनी रहती है।

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​कोविड हो जाए, तो अस्पताल में भर्ती होने का खतरा ज्यादा-

रिसर्च के अनुसार, कोविड के कारण जो लोग किसी वजह से पिछले दो साल से फिजिकली एक्टिव नहीं है उन्हें कोरोना संक्रमित होने के साथ अस्पताल में भर्ती होने या आईसीयू में जाने का खतरा ज्यादा है। खासतौर से इन हालातों में अंग प्रत्यारोपण वाले मरीजों को फिजिकली एक्टिव रहने की जरूरत है।

अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि न करने वाले लोग कोविड से बहुत जल्दी संक्रमित होते हैं। ऐसे लोगों में अस्पताल में भर्ती होने का खतरा 20 प्रतिशत और मौत का खतरा 2.5 गुना ज्यादा रहता है। इस मामले में विशेषज्ञ की सलाह है कि कोरोना से बचने के लिए फिजिकली एक्टिव रहना होगा।

अंग्रेजी में इस स्‍टोरी को पढ़ने के लिए यहां क्‍लिक करें


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