छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने वाहन फूंके
भारत बंद (Bharat Bandh) का ऐलान करने वाले माओवादियों ने लगभग एक घंटे तक भारी हंगामा (Maoist Attack) और हिंसा को अंजाम देते हुए पहले तो हाईवे को जाम कर दिया और उसके बाद वाहनों को आग के हवाले किया.
वास्तव में, नक्सलियों ने 26 अप्रैल को भारत बंद का ऐलान किया था, लेकिन उससे एक दिन पहले ही देर शाम को 400 मीटर के दायरे में 7 वाहनों को आग के हवाले कर दिया. साथ ही, मौके पर पर्चे व बेनर भी लगाए, जिसमें भारत बंद का जिक्र है. करीब एक घंटे तक एनएच 30 पर नक्सली उत्पात मचाते रहे. आगजनी की पुष्टि एसपी के एल ध्रुव ने की।
कटे पेड़ से रोका हाईवे
रविवार देर शाम 7 बजे एनएच 30 पर स्थिति एर्राबोर थाने से करीब 2 किमी दूर वर्दीधारी व ग्रामीण वेशभूषा में 100 से अधिक नक्सली आ धमके. सुकमा की और से आ रहे वाहनों को रोका गया. एनएच 30 पर पेड़ काटकर डाला गया और वाहन चालकों को नीचे उतार कर मोबाइल छीन लिया.फिर डीजल टैंक को फोड़कर वाहनों पर डीजल डालकर आग लगा दी गई. सभी वाहन चालकों को वहां से भाग जाने के लिए भी कहा गया. करीब एक घण्टे तक नक्सलियों के उत्पात की सूचना मिलने पर जवान मौके के लिए रवाना हुए. नक्सलियों के इस हमले की खबर की पुष्टि एसपी के एल ध्रुव ने की.
बाल-बाल बची यात्री बस
जब एर्राबोर के पास आगजनी हो रही थी, तभी कोण्टा की और से आ रही यात्री बस के चालक ने बस को रोका. ड्राइवर ने नक्सलियों को वाहन जलाते देखा. बस ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल बस को करीब आधे किलोमीटर तक रिवर्स गियर में चलाया और कोण्टा पहुंचा. इस समझदारी से यात्री बस बाल बाल बच गई.
प्रत्यक्षदर्शी वाहन चालक ने बताया कि जब वो वहां पहुंचे, तो दो हाईवे पर कटा पेड़ डालकर जाम कर दिया गया था और दो वाहन रोके गए थे. यही नहीं, नक्सली मोबाइल फोन व चाबी छीनकर दूर भाग जाने के लिए कह रहे थे. उसके बाद डीजल डालकर वाहनों को आग लगाई गई. चश्मदीदों के मुताबिक कई वाहनों को आग के हवाले करने के इस तांडव को करीब 100 की संख्या में नक्सलियों ने अंजाम दिया.

