छत्तीसगढ़ में टीकाकरण को लेकर राजनीति जारी है.
राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा (Congress vs BJP) के नेता एक दूसरे पर आरोप मढ़ने की राजनीति में शामिल दिख रहे हैं, तो दूसरी तरफ जानकारों का मानना है कि चुनौती छोटी नहीं है. जानिए कि क्या हैं तैयारियां और क्या है सियासत.
छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र पर वैक्सीन हाईजैक करने का आरोप लगाया.
अब राज्य सरकार की तैयारियों पर सत्ताधारी दल के प्रवक्ता का कहना है कि भूपेश सरकार अपने नागरिकों को मुफ्त वैक्सीन देने के लिए कटिबद्ध है. तो दूसरी तरफ, बीजेपी के राज्य प्रवक्ता अमित चिमनानी का आरोप है कि अब तक तैयारियों के मोर्चे पर राज्य सरकार गंभीर दिखाई नहीं दे रही है.
सीएम ने साधा केंद्र पर निशाना मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्र के रवैये पर सवाल उठाते हुए अभियान पर संशय जता दिया तो वहीं सरकार के अंग संसदीय सचिव विकास उपाध्याय कहते हैं कि केंद्र सरकार वैक्सीन उत्पादक कंपनियों को हाईजैक कर चुकी है. इसका खामयाजा कांग्रेसशासित राज्य को उठाना पड़ेगा. यही नहीं, उपाध्याय का आरोप है कि इस गंभीर मुद्दे पर छत्तीसगढ़ बीजेपी के नेता अपने घरों में छुप गए हैं. इस मसले पर कोई एक शब्द नहीं बोल रहा है. वहीं, जानकारों का कहना है कि मुफ्त वैक्सीन देने के अभियान को सफल बनाने में राज्य सरकार के कोष पर करीब एक हज़ार करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा, जो एक बड़ी चुनौती होगी.
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