chhattisgarh free corona vaccination from may still cloudy

छत्तीसगढ़ में टीकाकरण को लेकर राजनीति जारी है.

राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा (Congress vs BJP) के नेता एक दूसरे पर आरोप मढ़ने की राजनीति में शामिल दिख रहे हैं, तो दूसरी तरफ जानकारों का मानना है कि चुनौती छोटी नहीं है. जानिए कि क्या हैं तैयारियां और क्या है सियासत.

रायपुर. एक मई से शुरू होने वाले तीसरे चरण के टीकाकरण को लेकर एक तरफ तैयारियां ज़ोरों पर हैं तो दूसरी ओर इस पर राजनीतिक घमासान मचा है. दरअसल, भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ सरकार पर अधूरी तैयारियों और केंद्र का मुंह ताकने का आरोप लगा रही है तो वहीं राज्य सरकार केंद्र द्वारा वैक्सीन को हाइजैक करने का आरोप लगा रही है. खास रिपोर्ट में जानिए क्या है पूरा माजरा. 1 मई से शुरू होने वाले तीसरे चरण के टीकाकरण में छत्तीसगढ़ के एक करोड़ पैंतीस लाख लोगों को टीका लगना है, जिसकी तैयारी जारी है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद पत्रकार वार्ता लेकर तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र के रवैये की वजह से संशय की स्थिति बन गई है. हालांकि बघेल ने साफ कहा कि राज्य की ओर से तैयारियां पूरी हैं. ये भी पढ़ें : अपने ही बम से मारे गए नक्सली की मूर्ति लगी, पुलिस ने कहा हिंसा के खिलाफ देगी संदेश तैयारियां और आरोप-प्रत्यारोपनए टीकाकरण केंद्रों से लेकर टीके की उपलब्धता, परिवहन, कोल्डचेन, स्वास्थ्य अमले सहित सभी तैयारियां की जा रही हैं. यह भी बताया गया कि सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायटेक को 25-25 लाख टीके का आदेश भेजा जा चुका है.
chhattisgarh news, corona in chhattisgarh, chhattisgarh vaccine, chhattisgarh vaccination drive, छत्तीसगढ़ न्यूज़, छत्तीसगढ़ समाचार, छत्तीसगढ़ वैक्सीन अभियान, छत्तीसगढ़ टीकाकरण
छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र पर वैक्सीन हाईजैक करने का आरोप लगाया.

अब राज्य सरकार की तैयारियों पर सत्ताधारी दल के प्रवक्ता का कहना है कि भूपेश सरकार अपने नागरिकों को मुफ्त वैक्सीन देने के लिए कटिबद्ध है. तो दूसरी तरफ, बीजेपी के राज्य प्रवक्ता अमित चिमनानी का आरोप है कि अब तक तैयारियों के मोर्चे पर राज्य सरकार गंभीर दिखाई नहीं दे रही है.
सीएम ने साधा केंद्र पर निशाना मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्र के रवैये पर सवाल उठाते हुए अभियान पर संशय जता दिया तो वहीं सरकार के अंग संसदीय सचिव विकास उपाध्याय कहते हैं कि केंद्र सरकार वैक्सीन उत्पादक कंपनियों को हाईजैक कर चुकी है. इसका खामयाजा कांग्रेसशासित राज्य को उठाना पड़ेगा. यही नहीं, उपाध्याय का आरोप है कि इस गंभीर मुद्दे पर छत्तीसगढ़ बीजेपी के नेता अपने घरों में छुप गए हैं. इस मसले पर कोई एक शब्द नहीं बोल रहा है. वहीं, जानकारों का कहना है कि मुफ्त वैक्सीन देने के अभियान को सफल बनाने में राज्य सरकार के कोष पर करीब एक हज़ार करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा, जो एक बड़ी चुनौती होगी.






Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here