pneumonia in covid: Pneumonia and covid: कोरोना के मरीजों को दी जा रही है निमोनिया की वैक्सीन लगवाने की सलाह, जानें क्‍या है पीछे का सच – covid 19 mythbusters corona patients are being advised to get pneumonia vaccination whats truth behind this myth

वैक्सीनेशन के बाद भले ही देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के मामलों में गिरावट दर्ज की गई हो लेकिन सरकार की चिंता अब भी बरकरार है। क्योंकि अब कोविड की तीसरी लहर के आने की भी चेतावनी जारी की जा चुकी है। इसके साथ ही कोरोना के नए वेरिएंट ने संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस, व्हाइट फंगस, साइटोकाइन, हैप्पी हाइपोक्सिया जैसी कई तरह की दूसरी बीमारियों को भी जन्म दे दिया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर कोविड से रिलेटेड कुछ भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं।

देसी नुस्खों के जरिए तो देश की आधी आबादी देसी कोविड से बचाव के लिए अपना इम्यून सिस्टम मजबूत कर रही है। लेकिन वहीं कुछ फार्मेसी प्रोडक्ट्स के जरिए भी कोविड के इलाज के कई दावे किए जा रहे हैं। हाल के दिनों में इंटरनेट पर एक पोस्ट खूब शेयर किया जा रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि निमोनिया की वैक्सीन (pneumococcal vaccine) से कोरोना को भगाया जा सकता है। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? आइए जानते हैं इस वायरल पोस्ट पर क्या है सच्चाई।
(फोटो साभार: istock by getty images)

​वायरल पोस्ट का दावा

वाट्सअप और ट्विटर एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि निमोनिया की वैक्सीन के जरिए भी कोरोना वायरस को मात दी जा सकती है। ऐसे में जो लोग कोरोना टीका पाने में असमर्थ हैं या कहें जिन क्षेत्रों में डोज़ की आपूर्ति नहीं हो पा रही है वे लोग इस मैसेज से भ्रमित हो सकते हैं। लिहाजा सरकार ने समय रहते ही लोगों को इस वायरल पोस्ट के खिलाफ अपनी सफाई दी है।

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​सरकार ने बताया भ्रामक

सरकार के @mygovindia ने इस पोस्ट को फर्जी करार दिया है। @mygovindia के ट्विटर हैंडल ने पोस्ट में लिखा गया है कि निमोनिया के टीके विशिष्ट जीवों (specific organisms) के लिए होते हैं जो कई तरह के संक्रमण पैदा करते हैं। इससे कोविड के संक्रमण को नहीं रोका जा सकता है।

सरकार ने साफ तौर पर कह दिया है कि COVID19 और टीकाकरण से संबंधित किसी भी अफवाह पर आंख बंद करके बिल्कुल भी विश्वास न करें। जागरूक रहें और सुरक्षित रहें! इस तरह की अफवाहें उस वक्त वायरल हो रही हैं जब देश में थर्ड फेज का वैक्सीनेशन जोरों पर चल रहा है।

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​कोविड संक्रमित में निमोनिया

मालूम हो कि ऐसे भी तमाम मामले सामने आ रहे हैं जो कोविड की चपेट में आने के बाद निमोनिया से जूझ रहे हैं। निमोनिया भी एक फेफड़ों का संक्रमण है जो आपके फेफड़ों के अंदर हवा की छोटी थैली में सूजन के कारण होता है।

कोविड की तरह इसमें भी मरीज का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। निमोनिया संक्रमित व्यक्ति को सांस की दिक्कत के अलावा खांसी, बुखार, सीने में दर्द, ठंड लगना या थकान जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

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​निमोनिया में जाम हो जाता सांस लेने का रास्ता

कोविड-19 निमोनिया में मरीज को अस्पताल में ऑक्सीजन के साथ वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा जा सकता है। जिन लोगों को निमोनिया हो जाता है उनमें एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) नामक स्थिति भी हो सकती है। इसमें रेस्पिरेटरी लाइनिंग में जख्म हो जाता है, जिससे शरीर के अंदर सूजन पैदा होती है जिससे एयरवे की लाइनिंग में परेशानी आती है।

निमोनिया में इस वक्त गंभीर हो जाती है मरीज की हालत

निमोनिया संक्रमित व्यक्ति की हालत तब और गंभीर हो जाती है, जब यह एयरलाइनिंग को पार कर गैस एक्सचेंज यूनिट तक पहुंचता है। यह यदि संक्रमित हो जाए तो फेफड़े के निचले हिस्से से वायु कोषों यानी जिनसे हम सांस लेते हैं उस मार्ग में सूजन हो जाती है। वायु कोषों में सूजन के बाद द्रव और इनफ्लेमेटरी सेल्स फेफड़े में आने लगते हैं, जिससे होता है निमोनिया।


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