शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मंडल के विस्तार की चर्चा है. किसी भी सांसद और नेता को पीएम सचिवालय से फोन आने की कोई जानकारी नहीं मिल रही है. यह बहुत दुख की बात है. छत्तीसगढ़ के नेता छत्तीसगढ़ के किसानों और अन्य लोगों की आवाज केंद्र तक नहीं पहुंचा पाए. यही वजह है कि केंद्रीय नेतृत्व यहां के नेताओं को केंद्रीय मंत्रिमडल के लायक नहीं समझते हैं. भाजपा के किसी भी सांसद को केंद्रीय मंत्रिमंडल क्यों इस लायक नहीं समझता कि वह छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करें. अगर ऐसा है तो यह बहुत ही दुखद है. एक समय था जब छत्तीसगढ़ से दो-दो कैबिनेट मंत्री केंद्र में होते थे. अगर छत्तीसगढ़ से किसी को जगह नहीं मिलती तो यह घोर उपेक्षा होगी.
बीजेपी ने जताई थी उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार की कवायदों के बीच छत्तीसगढ़ की उम्मीदें भी बढ़ गई है. केंद्रीय मंत्रिपरिषद में यहां से अभी एक मंत्री हैं. प्रदेश भाजपा को लग रहा है कि कम से कम एक और सांसद को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है. यहां तीन नेताओं अरुण साव, विजय बघेल और सरोज पाण्डेय के नाम की चर्चा चल रही है.
यह भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संगठन की ओर से एक नाम मांगा था. प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय ने प्रदेश भाजपा की ओर से बिलासपुर सांसद अरुण साव का नाम प्रस्तावित किया है. बताया जा रहा है, पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस की ओर से दुर्ग सांसद विजय बघेल का भी नाम अपनी ओर से प्रस्तावित किया है. इस बीच राज्य सभा सांसद सरोज पाण्डेय आनन-फानन में दिल्ली पहुंच भी गई हैं. बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व में किसी बड़े नेता ने उन्हें दिल्ली आने को कहा था. हालांकि अभी तक तीनों में से किसी के पास केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अथवा प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आने की पुष्टि नहीं हुई. वहीं सरोज पाण्डे को छोड़कर बाकी नेताओं के छत्तीसगढ़ में ही रहने से बाकी के नामों को लेकर चर्चा और उम्मीदें ठंडी पड़ गई हैं.
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