चुनाव छै महीना बांचे रीहिस राज्य के राजा ह अपन सरकार के सोर ला जन-जन तक पहुंचाये बर विकास यात्रा के योजना बनइस. विकास एक्सप्रेस म बइठ के विकास यात्रा म निकल गे. विकास यात्रा के दौरान आमसभा के मंच ले राजा ह रिपोर्ट के मुताबिक जम्मो राज्य म विकास के गुन गावत राज्य म रामराज के स्थापना के बात किहिस. राजा जी अपन उद्बोधन म काहत रीहिस हे-जम्मो राज्य म शांति के महोल हे, हमर राज्य ह भ्रष्टाचार मुक्त हे, आज हमर राज्य विश्वसनीय अउ हरियर हो गे हे. उही आमसभा म परिवर्तन एक्सप्रेस म बइठ के परिवर्तन यात्री मन मुड़ी म करिया पट्टी बांधे राहय. राजा के भाषन ल सुन के हल्ला बोल दिन, राजा जतना काहत हे ओहा सबो लबारी हे. जा के देख लव कोनो करा शांति नइ हे. गांव-गांव म दारू पी के कमाए-धमाए बर छोड़ के लड़ई झगरा करत हे. सब जगा अशांति हे अशांति, भ्रष्टाचार ह मंहगाई कस दिनों दिन बाढ़त जावत हे. अब हमर राज्य ह विश्वास के लइक नइ रहि गे हे. हमर राज्य ह हरियर नही, बल्कि अइलागे हे. रही बात रामराज के…. त अइसन म रामराज के कल्पना कइसे करबे.
राज्य म रामराज के उपमा दे भर ले कुछु नी होवय राजा जी. भगवान राम के रद्दा म चले बर त्याग अउ तपसिया के जरूरत हे. पिता के आदेश ला स्वीकार करके 14 बच्छर ले बनवास काटे रीहिस. जंगल-जंगल, झाड़ी-झाड़ी खोर्रा गोड़ चले रीहिस हे. तब कहूं जा के रावन के नास करे रीहिस हे. त्रेता युग म तो एके रावन रीहिस हे तब ओतका दुख पाये रीहिन हे. आज तो जिही डाहर देखबे उही डाहर रावन के लरा-जरा मन आंखी देखावत हे, त कतना दुख भोगे बर परही तेला सोच ले. हेलीकाप्टर म बइठ आकास के भुइयां के बात करना कहां तक ले उचित हे. भुइयां के गोठ करे बर भुइयां म रेंगे बर परही. आम सभा ल बेकाबू होवत देख पुलिस मन लाठी चार्ज कर दिन. देखत-देखत भगदड़ मच गे. ओ समे तो अइसे लागे जानो मानो केदारनाथ म ग्लेसियर टूट गे. भगदड़ मचे ले चार-पांच झिन के विकास यात्री मन दब के स्वर्गवासी बनगे. परिवर्तन यात्री मन काहय-का… इही आय राम राज? न्यूज चैनल म ब्रेकिंग न्यूज चलत रीहिस हे- विकास यात्रा के सहीद यात्री मन के परिवार ला चरन पादुका दे जाही ताकि उंकर गोड़ म कांटा झन गड़य.
राजा विकास यात्रा ले लहूट के रानी ला अपन दुख ल बतावत रीहिस हे- आखिर राज्य म अतेक विकास के बाद घलो असंतोष काबर हे ? चुनाव नजदीक हे. खुर्सी खसल दिही तइसे लागत हे, कुछ तो गड़बड़ हे. चुनाव म रिजल्ट गड़बड़ा जाही तइसे लागत हे. गड़बड़ होय के पहिली गड़बड़ी के पता लगाय ल परही. सोचत हवं कि मोला भेस बदल के राज्य के असली हालत के पता लगाए ल परही. रानी कथे- तोला मंय अकेल्ला नी जावन दंव जोड़ी, तोर संग महूं जाहूं. राजा बहुत समझाथे- झन जा रानी, तंय सुखियार अस तोर पांव म कांटा गड़ जाही, तोर पीरा ल मंय सहि नी पाहूं. फेर तंय आधा सीसी घलो हस. रानी कथे- कांटा गड़े चाहे परान जाय, जीयत मरत के संगवारी अंव नी छोड़वं तोर संग ल. हमर मया के जोड़ तो फेवीकोल कस मजबूत हे. रानी के आघू म राजा के कुछु नी चलिस अऊ लेगे बर एवमस्तु कहि दिस.
अब राजा जी ह मंत्रिमंडल के बइठक सकेलिस. बइठक म सबके काम के समीक्षा करिस अऊ उंकर रिपोर्ट ल मांग लिस. रिपोर्ट ल मांंगे के बाद राजा ह भिखारी रूप धर के राज्य के विकास के गुप्त जांच म निकले के पहिली फेर एक घांव रानी ल समझइस-करिया बादर कस तहूं ह पोट-पिट ले हस, मोर संग झन जा कहिके, फेर रानी नी मानिस. कैकई कस कोप भवन म मुंहु ल कोहड़ा कस फूलो दिस. राजा टेंसन म आ गे. आखिर म राजा ह रानी ल संग म लेगे बर तइयार होगे. रानी के हालत ल देख के- कहूं डिलवरी के सम्मे आ जही त का करहूं कहिके स्मार्ट कार्ड धर के राजा ह निर्मल ग्राम डाहर रानी संग निकल गे.
राजा-रानी जउन सड़क म पदयात्रा करत रीहिन हे, ओ सड़क बर पांच करोड़ रूपिया पास करे रीहिस हे. ओ सड़क म डामर तो दूर गिट्टी ह भोभला कस हांसत रीहिस हे. सड़क के हालत ल देख राजा ह तरवा ल धर लीस. सड़क म रेंगत-रेंगत राजा-रानी के गोड़ म बमलई यात्री मन कस छाला परगे रीहिस हे. ले दे के दुनो परानी निर्मल ग्राम पहुंचिन.
निर्मल ग्राम पहुंचते भार रानी ल बाहिर-बट्टा जनाए बर धर लीस. राजा ह निर्मल म ग्राम शौचालय खोजिस. रिपोर्ट म तो उल्लेख रीहिस हे फेर सिरतोन मा नी बने रीहिस हे. ले दे के राजा ह डब्बा के जुगाड़ करके ओधा म पठो दिस. गांव के गली म धुर्रा उड़त रीहिस हे, पता चलिस गली सीमेंटीकरन बर जऊन फंड आय रीहिस हे ओमा गांव के सियान हा अपन घर बनवा डारिस. मनरेगा के तो दाई ददा नइ हे. प्यासे रानी-राजा मन हेंडपंप करा गीन त उंहा पंप भर रीहिस हे हेण्ड नदारत रीहिस हे. प्यासे-रानी राजा मन डबरा के पानी ल पी के अपन प्यास बुझइन. दुनो झिन ल भूख लागत रीहिस हे. स्कूल के मध्यान्ह भोजन म भात खातिर बिनती करिन. भिखारी जान के राजा-रानी ल बांचे भात ल दिस त ओमा पताड़ी राज करत रीहिस. पताड़ी वाले खाना अऊ गंदा पानी पिये ले राजा-रानी मन ला उल्टी-दस्त होगे. गांव के झोला छाप डॉक्टर ह दवई दिस एकर ले बीमारी ह अऊ मटकाए ल धर लीस. भिखारी मन के हालत ल बिगड़त देख गाड़ी नं.108 ला गांव वाले मन फोन करिन त फोन वाली नोनी ह कहि दिस- आप जेकर सन संपर्क करना चाहत हो वो अभी हमर पहुंच ले बाहिर हे.
गांव वाले मन साधन के जुगाड़ म लगे रीहिन हे. तब तक ले भिखारी देखथे कि कॉपरेटिव ले दू रूपिया किलो चाउंर छोड़ा के तीर के किराना दुकान म जादा कीमत म बेच के दारू पीयत रीहिन हे. घर म लोग लइका मन भूख म टघलत रीहिन हे. बाहिर के धान कोचिया मन किसान मन ल पटा के अधिया बोनस म उंकर खाता मा धान बेचत रीहिन हे. राजा तो धान के कटोरा के हाल देख के बेहोस होगे. इमन ल तुरते रद्दी पेपर वाले मेटाडोर म जोर के अस्पताल लइन. अस्पताल पहुंचथे ता वार्ड म जगा नइहे कहिके उन ला बरामदा म सूते बर कहि दिस. ले दे के नर्स ह ग्लूकोस के बोतल ल चढ़इस ता वहू बोतल मा कीरा मन बिलबिलावत राहय. कीरा मन ह मेछरा-मेछरा के स्वास्थ्य विभाग ल बिजरावत रीहिस हे. बिहनिया डॉक्टर ह पान दबा के राउण्ड म अइस त जनेरिक दवई के बदला म कम्पनी के दवई ल लिख दिस. राजा-रानी मन डॉक्टर ले बिनती करिन कि हमर करा पइसा कउड़ी नइ हे कहि के फेर डॉक्टर करा मानवता नाव के चीज नही. राजा-रानी मन गुने ल धर लिन. इंहा तो गरीब मन के कोनो पूछइया नइ हे. ले दे के उल्टी दस्त ह कंट्रोल होइस. देखते-देखत रानी ल जचकी पीरा जनाय बर लीस. रानी ल जचकी वार्ड म भरती करे गीस. बहुत कोसिस के बाद घलो जचकी नइ निपटे बर धरिस ता रानी हा मने मन लेबर रूम म अपन लइका ले पूछिस- काबर तंग करत हस रे लइका सुग्घर संसार ला देखे बर काबर नी आवं काहत हस. पेट भीतरी ले ओकर लइका कथे- मंय ह इहें सुरक्षित हवं दाई. असुरक्षित दुनिया म मंय नी आना चाहवं. जिहें भोजन म पताड़ी हे, निर्मल गांव गंदा हे, पीये बर शुद्ध पानी नइ हे, इलाज के बेवस्था नइ हे, सड़क म भ्रष्टाचार हे अइसन दुनिया म आ के मंय का करहूं…? अऊ सुन ये सबो बात ल मोर पूज्य राजा ददा ल घलो बता देबे. लइका के बात ल रानी ह राजा ल बताइस तुरते राजा ह रानी के कान के माध्यम ले मोबाइल करिस- अभी तंय अपन महतारी ल जादा तकलीफ झन दे. जल्दी दुनिया मा आ मंय घोड़ा बनके तोला राज्य म घुमाहूं. तोर जनम के बाद नवा शहर कस नवा राज्य बनाहूं. निडर, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भर अऊ भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाहूं. अपन नेता ददा के आश्वासन ल सुन के बाबू लइका हा हांसत नवा राज्य के सपना के संग अंवतरिस. राजा ह ओकर नाव नवा सुरूज रखिस.
शहर वाले राजा ह राज्य के गुप्त यात्रा ले राजधानी लहूटे के बाद भ्रष्टाचार मुक्त राज्य के मिसन चलइस. जिंकर विभाग म खामी पइस वो विभाग के अधिकारी अऊ कर्मचारी मन ला सस्पेंड करिस. जऊन मंत्री अऊ विधायक ह गलत रिपोर्ट दे रीहिन हे अउ भ्रष्टाचार म लिप्त रिहिन हे उंकर टिकिट ला काट के योग्य अऊ स्वच्छ छबि वाले नवा उम्मीदवार मन ल टिकिट दिस ताहन फेर एक घांव राजा ह जनता के बिश्वास ल जीत डरिस. जनता ह घलो विश्वसनीय राज्य के सपना ल पूरा करे बर फेर एक घांव राजा के राज तिलक करिन. नवा ताजपोशी के बाद राजा-रानी अपन दुलरूवा बेटा नवा सुरूज के बड़ा धूमधाम से छी मनइन….
(दुर्गा प्रसाद पारकर स्वतंत्र पत्रकार हैं, आलेख में लिखे विचार उनके निजी हैं.)
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