Jahrkhand CM Hemant Soren Retaliated On Allegations In Mining Scam – 80 डिसमिल जमीन के लिए मुख्यमंत्री घोटाला करेगा?- खनन घोटाले में आरोपों पर हेमंत सोरेन ने किया पलटवार

कांग्रेस के साथ संबंध ठीक

घोषणा कब और कहां होगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि घोषणा झारखंड से होगी. कोई पेंच नहीं फंसी है. कांग्रेस के साथ संबंध ठीक है. अगर कोई दिक्कत होती तो घंटे भर से ज्यादा सोनिया गांधी से बात नहीं होती. वहीं, विवादों में घिरे मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्रवाई बीजेपी की तरफ से की जा रही है. जब से हमने झारखंड में उनसे सत्ता छीनकर मजबूत सरकार बनाई है, तब से उनको तकलीफ है. ईडी की कार्रवाई किस संदर्भ में हुई है, ये सबको मालूम है. 2007-08 का मामला है, तब मैं राजनीति में भी नहीं था. आपको शाहरुख खान के बेटे के बारे में तो पता ही होगा.

सीएम बोले, “ ईडी मनरेगा की जांच कर रही है. लेकिन केस को लेकर टीम उन जिलों तक गई भी नहीं है. वे मनरेगा के रास्ते कहीं और जाना चाहते हैं. मोहनजोदड़ो की खुदाई की तरह हर जगह खुदाई हो रही है. देखते हैं यह कहां तक जाना चाहते हैं. उनकी मंशा कुछ और दिखती है.”

खनिज संपदा पर गिद्ध की तरह नजर

उन्होंने कहा, “ खनिज निगम के चैयरमेन बीजेपी नेता हैं. इनके लिए झारखंड ऐसा राज्य रहा है, जहां से आर्थिक ताकत मिलती थी. केंद्र सरकार पर राज्य का एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये बकाया है. हमने इसकी मांग करते हुए कई बार पत्र लिखा, लेकिन उसमें से भीख के रूप में 200-300 करोड़ रुपये मिलते हैं. राज्य की खनिज संपदा पर वे गिद्ध की तरह नजर लगाए बैठे हैं और हम पर आरोप लगाते हैं. मुख्यमंत्री क्या इतने कम के लिए घोटाला करेगा.”

जेएमएम नेता बोले, “ झारखंड को बिहार से अलग हुए 20 साल हो गए, लेकिन यहां का किसी ने विकास नहीं किया. आज विकास के पैमाने पर राज्य निचले पायदान पर है. ऐसे में देश के बड़े उद्योग राज्य में लगे. पिछले शासन में आदिवासियों-दलितों को विस्थापित किया गया. बीजेपी और डबल इंजन की सरकार ने कभी जानने की कोशिश नहीं की, कि क्यों आदिवासियों को दो वक़्त का अनाज तक नहीं मिला. राज्य के पिछड़ापन का कारण जनता नहीं, बड़े दल के लोग हैं, जिन्होंने झारखंड को चारागाह बना दिया है.

हेमंत सोरेन ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के समय आंदोलन होते थे. लेकिन अब नहीं होते क्योंकि वहां की जनमानस को हमरी सरकार पर बहुत भरोसा है. लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर उन्होंने कहा कि केसीआर से मुलाकात हुई है. लेकिन 2024 की क्या रणनीति होगी, अभी ये तय कर लेना जल्दबाजी होगी. देश में आदिवासियों को अलग दर्जा मिले, जातिगत जनगणना में अलग दर्जा मिले, ये ही हमारी मांग है. नहीं तो आदिवासी विलुप्त हो जाएंगे.

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