
नई दिल्ली, फीचर डेस्क। इन दिनों छोटे-छोटे बच्चों को बहकाकर उनके साथ गलत हरकत की जा रही है। बच्चों की अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें बेचा जा रहा है। ऐसे ही मां ने कहा कि जब मुझे पता चला कि मेरी बच्ची के साथ गलत हुआ और उसका वीडियो बनाया गया और इंटरनेट पर दिखाया जा रहा है। मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। इस घटना को तीन बरस बीत गए हैं। बिटिया 11 साल की हो गई है। अब भी अगर कोई यह कह देता है कि छोटी-छोटी बच्चियों के वीडियो इंटरनेट पर हैं तो मैं फिर से रोने लगती हूं। बिटिया को तो समझा दिया है, पर मैं खुद को अब भी नहीं समझा पा रही हूं कि हम किस पर विश्वास करें और बच्चे को क्या सिखाएं कि वो किस पर विश्वास करें। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार चित्रकूट की एक मां का यह दर्द है। आज से करीब 4 साल पहले जिले में रामभवन नाम का जूनियर इंजीनियर चित्रकूट सिंचाई विभाग में काम करता था। उसने 40 से ज्यादा बच्चियों के साथ गलत हरकत की। किसी का अपने घर पर, तो किसी का बाहर वीडियो बनाया। वीडियो को विदेशों तक में बेचा। उसकी इस घिनौनी हरकत और काली कमाई में उसकी पत्नी भी साथ दे रही थी। थाने में 10 से ज्यादा परिवारों की शिकायतें मिली हैं, जिनके बच्चे रात भर गायब रहे। खेलते-खेलते अचानक कहीं चले गए फिर घर के बाहर रोते.बिलखते मिले। या फिर उनके बच्चों के साथ जबरदस्ती की गई। इनकी उम्र 8 साल से 13 साल तक थी। हालांकि रामभवन जब तक पकड़ा गया, न जाने कितने परिवारों को न भूलने वाला दर्द दे गया। यह कहानी सिर्फ एक रामभवन या एक पीड़ित महिला और उसकी बच्ची की नहीं है। हर राज्य में इस तरह के सैकड़ों केस हैं। ऑपरेशन कार्बन के तहत एक साल पहले मध्य प्रदेश में पुलिस ने छापेमारी की। मामला ग्वालियर का है। चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी सूचना लोकल पुलिस थाने से थी। आरोपी ने जिन बच्चों के वीडियो बनाएए वो आसपास के मोहल्ले के ही थे। माता.पिता तो कुछ बोल ही नहीं सके। पीड़ित बच्चे के मामा ने पूरी बात बताई। छत्तीसगढ़ में 35 साल का आरोपी उज्ज्जवल चंद्राकर गिरफ्तार किया गया। वो चाइल्ड पोर्नोग्राफी का वीडियो इंटरनेट पर वायरल करता था। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की शिकायत पर उसे पकड़ा गया। उसके मोबाइल में बच्चियों के आपत्तिजनक वीडियो मिले। यहां जिस मोहल्ले से लड़की के लापता होने की खबर थी। उनके घर के एक सदस्य ने बताया, आरोपी मोहल्ले में ही रहता था। हमें उस पर शक भी था, लेकिन हमारी किसी ने नहीं सुनी। पार्क से हमारी बेटी हमको 7 से 8 घंटे बाद मिली वो सिर्फ रोए जा रही थी। उसने बताया कि अंकल ने चॉकलेट देने के बहाने बुलाया थाए मेरे कपड़े उतारे दिए। गलत हरकत करते रहे, वीडियो बनाए। फोटो भी खींचे।
5 महीने पहले राजस्थान के जयपुर की भट्टाबस्ती थाना में पुलिस ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी इंस्टाग्राम पर बच्चों की अश्लील वीडियो डालता था। उसके मोबाइल में बच्चों के अश्लील वीडियो के 50 से अधिक क्लिपिंग मिलीं। पूछताछ में पता चला कि उसके जरिए दूसरे राज्यों में नेटवर्क चलते मिले। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, बिहार से भी पीड़ितों से बात करने की कोशिश की। किसी की भी पहचान नहीं उजागर की जा सकती, लेकिन हर कहानी का दर्द आंखें भर देने वाला था। उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और मध्यप्रदेश समेत 20 राज्यों में चाइल्ड पोर्नोग्राफी का रैकेट चलता पाया गया। छापेमारी के दौरान मिले आंकड़े बताते हैं कि 500 से ज्यादा रैकेट और 5000 से ज्यादा अपराधी पकड़े गए हैं। इन सभी का लिंक विदेशों से जाकर जुड़ता है। भारतीय बच्चियों के वीडियो होते हैंए और मिलते विदेशी वेबसाइट्स में है।

