Asymptomatic Breast Cancer है साइलेंट किलर, दबे पांव बॉडी में तेजी से लगता है फैलने; बस ये उपाय बचा सकता है जान – breast cancer awareness month 2022 asymptomatic breast cancer is silent killer with no sign and symptoms

महिलाओं में सबसे आम प्रकार का कर्क रोग स्तन कैंसर (Breast Cancer)है। दुनिया भर में लाखों महिलाओं की स्तन कैंसर से मौत होती है। स्तन कैंसर की घटनाएं समय के साथ तेजी से बढ़ रही है। इसका एक मुख्य कारण ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण, उपचार के प्रति जागरूकता में कमी है।

WHO के अनुसार, 2020 में दुनियाभर में 2.3 मिलियन महिलाओं में स्तन कैंसर का निदान किया गया था, जिसमें से 685,000 महिलाएं के लिए यह बीमारी जानलेवा साबित हुई।

​क्या है एसिम्टोमैटिक ब्रेस्ट कैंसर

इस तरह के कैंसर में कोई लक्षण नहीं दिखते या अनुभव होते हैं। ऐसे मामलों में, रोग मेटास्टेसाइज हो सकता है जिसका मतलब है शरीर के अन्य भागों में कैंसर का फैलना। मेटास्टेटिक स्तन कैंसर आमतौर पर एडवांस स्टेज में पता लगाते हैं, जहां उपचार के विकल्प अधिक बहुत कम और कठिन होते हैं। हालांकि, ब्रेस्ट चेकअप से इस तरह के कैंसर से बचा जा सकता है। यदि आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं क्लिनिक ब्रेस्ट चेकअप जरूर कराएं।

​कितने बार करना चाहिए ब्रेस्ट कैंसर

मुंबई के ले नेस्ट हॉस्पिटल मलाड के प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मुकेश गुप्ता कहते हैं, उच्च जोखिम वाले मामलों में, आपके डॉक्टर के परामर्श से 25 साल से स्क्रीनिंग नियमित रूप से कराना शुरू कर देना चाहिए। एक्स-रे मैमोग्राफी, स्तन अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, सीटी और पीईटी स्कैन जैसे इमेजिंग परीक्षणों की एक जैसे टेस्ट से स्तन में किसी भी प्रकार की खराबी का पता समय रहते लगाया जा सकता है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, ये परीक्षण शीघ्र निदान के लिए बहुत जरूरी हो जाते हैं।

सिम्टोमैटिक ब्रेस्ट कैंसर का खुद कर सकते हैं निदान

20 साल और उससे अधिक की हर लड़की को हर महीने सेल्फ ब्रेस्ट टेस्ट करना चाहिए। ऐसा करते हुए छाती में किसी भी गांठ, आकृति में बदलाव, त्वचा के डिंपल या उभार, निप्पल में बदलाव या डिसचार्ज, सूजन एक चेतावनी संकेत हो सकता है। समय पर ब्रेस्ट कैंसर निदान करने के लिए सेल्फ ब्रेस्ट टेस्ट एक आसान तरीका है, इसलिए नियमित रूप से इसे करें।

हालांकि 40 वर्ष की आयु पार करने के बाद क्लिनिक ब्रेस्ट टेस्ट जरूरी हो जाता है। आपके डॉक्टर स्क्रीनिंग डायग्नोस्टिक और इमेजिंग टेस्ट जैसे कि ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड या मैमोग्राफी और जेनेटिक काउंसलिंग की भी जरूरत पड़ने पर सलाह दे सकते हैं।

​क्या ब्रेस्ट कैंसर ठीक हो सकता है?

स्तन कैंसर के लिए उपलब्ध उपचार विकल्प कैंसर के प्रकार, स्टेज और फैलाव पर निर्भर करते हैं और उसी के अनुसार उपचार के तौर-तरीकों की सिफारिश की जाती है।

डॉक्टर गुप्ता बताते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन और हार्मोन थेरेपी में से किसी एक उपचार के विकल्प पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा स्तन कैंसर को हटाने, फैलने और दोबारा होने से रोकने के लिए इन विकल्पों के संयोजन को इस्तेमाल किया जा सकता है।

​ब्रेस्ट कैंसर से कैसे बचा जा सकता है?

ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए शराब का सेवन न करें। इसके साथ ही रोजाना व्यायाम, स्वस्थ वजन, सप्ताह में कम से कम दो बार मध्यम एरोबिक कसरत आपको इस जानलेवा बीमारी से बचा सकते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि स्तनपान कराने से ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।

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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।


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