
भोपाल। भारत की सबसे प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक सेवा यानि IAS की नौकरी छोड़ने वाले एक अफसर ने राजनीतिक पार्टी बना ली है। अब वे अफसर के मंच से उतरकर राजनीतिक गलियारे में दिखाई देंगे। हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएसएस वरदमूर्ति मिश्रा की। मिश्रा ने पांच महीने पहले सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। वे कहते थे कि आईएएस होने से बहुत ज्यादा बदला नहीं जा सकता, इसलिए अब राजनीति में दो—दो हाथ करूंगा। इस्तीफे के पांच महीने बाद ही अब पूर्व IAS वरदमूर्ति मिश्रा ने पॉलिटिक्स में एंट्री कर ली है। उन्होंने ‘वास्तविक भारत पार्टी’ यानी ‘वाभापा’ के नाम से नई पॉलिटिकल पार्टी बनाई है। मिश्रा की मानें तो उनकी पार्टी मध्यप्रदेश में वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपने कैंडिडेट्स उतारेगी। IAS वरदमूर्ति मिश्रा ने तीन महीने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नई पार्टी बनाने का ऐलान किया था।
राजनीति में आने का कारण
IAS वरदमूर्ति मिश्रा ने इस्तीफा देने के बाद लगातार सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने खुले मंचों से कहा था कि सत्ता में शीर्ष पर बैठे लोगों में ?की प्रशासनिक समझ में कमी है, उनमें दूरदर्शिता के अभाव है। इस कारण आज पूरे मध्य प्रदेश का विकास बाधित हो रहा है। IAS वरदमूर्ति मिश्रा ने आगे कहा कि, वर्तमान सरकार तो हर मोर्चे पर विफल है। नई पार्टी बनाने के साथ ही पूर्व IAS मिश्रा ने प्रदेश के लोगों के नाम संदेश भी दिया है। इसमें कहा है कि सरकार ने जनता को कष्ट देने के अलावा कुछ नहीं दिया है। प्रदेश में न जाने कितने युवा बेरोजगार हैं,लेकिन सरकार ने उनका पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।


