टेरर फंडिंग, दमोह कांड पर होगी सख्त कार्रवाई, कोरोना काल में दर्ज एफआईआर होंगी रद्द

  • आतंकवाद और धर्म परिवर्तन के प्रति मध्य प्रदेश सरकार ने दिखाई सख्ती
  • गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा- शिक्षकों को प्रताड़ित करने की खबर भी मिली

भोपाल। मध्य प्रदेश में आतंकी गतिविधियों की घटनाएं सामने आने और दमोह में धर्म परिवर्तन की खबर के बीच सरकार सख्ती के मूड में आ गई है। प्रदेश में मिले कट्टरपंथियों को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मिल रही आर्थिक मदद पर जहां मध्य प्रदेश पुलिस राष्ट्रीय जांच एजेंसी के लगातार संपर्क में है, वहीं दमोह के गंगा—जमना स्कूल प्रबंधन पर कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाएगा। गुरुवार को प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने यह भी कहा कि लॉक डाउन के दौरान कई नागरिकों पर साधारण धाराओं में दर्ज प्रकरण वापस लिए जाएंगे।

टेरर फंडिंग पर केंद्र के संपर्क में एजेंसी
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश में कई आतंकी संगठनों से जुड़े कट्टरपंथी मिले हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी, एनआईए इसकी जांच कर रही है। मध्य प्रदेश पुलिस भी इनके लगातार संपर्क में है। केंद्रीय जांच एजेंसियों की हर स्तर पर मध्य प्रदेश पुलिस सहयोग करेगी।
लॉक डाउन में हुई थी एफआईआर
आपको बता दें कि साल 2020 से 2021 तक लगाए गए लॉक डाउन के दौरान महामारी पर नियंत्रण के लिए नागरिकों पर कई प्रतिबंध लगाए गए थे। इसी दौरान नियम तोड़ने वालों को खिलाफ पुलिस ने छोटी धाराओं में प्रकरण भी दर्ज किया था। पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया था कि इन प्रकरणों को रद्द किया जाएगा। आज गृहमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई जल्द ही शुरू की जाएगी।


गंगा—जमना स्कूल पर कई नाम आएंगे सामने
गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि दमोह के गंगा जमना स्कूल में बच्चों को धार्मिक शिक्षा और धर्मांतरण मामले पर हर एंगल से जांच की जा रही है। अभी तक जेजे एक्ट, धारा 295A, 506 B के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ FIR हुई है। जांच जारी है, जैसे— जैसे बयान होंगे नाम सामने आते जाएंगे और बढ़ते भी जाएंगे। शिक्षकों को प्रताड़ित करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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