भोपाल। मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले एक के बाद एक कई ओपिनियन पोल सामने आए थे। अधिकांश में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने का आंकलन पेश किया था। वहीं, कुछ सर्वे में भाजपा आगे दिखाई दे रही थी। वहीं, सट्टा बाजार में भी कांग्रेस की सरकार बनते हुए दिख रही थी। लेकिन जैसे ही 17 नवंबर की तारीख बीती और प्रदेश में मतदान हुआ उसके बाद तो सट्टा बाजार को जैसे सांप ही सूंघ गया है। कांग्रेस की सरकार बनाने वाला सट्टा बाजार अब भाजपा की सरकार बनाने की ओर इशारा कर रहा है। पूरे भारत में फैले सट्टा बाजार में पहले मध्य प्रदेश को लेकर भाव में कांग्रेस आगे चल रही थी। कांग्रेस की सरकार बनने पर सट्टा वाले का भाव कम था। वहीं, एमपी में भाजपा की सरकार बनने पर भाव ज्यादा मिल रहा था। लेकिन मतदान होने के बाद सट्टा बाजार ने अपना गणित बदल लिया है।
सट्टा बाजार के ताजा आंकलन भाव को देखें तो मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर सट्टा बाजार ₹1 भाव दे रहा है। यानि की अगर ₹1 लगाने पर भाजपा की सरकार बनती है तो सट्टा लगाने वाले को ₹2 मिलेंगे। इधर, अब कांग्रेस का भाव सवा रुपए हो गया है। यानि कि कांग्रेस की सरकार बनती है तो इस पर दांव लगाने वाले को ₹1 के बदले सवा दो रुपए मिलेंगे। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस में पैसा लगाने में सट्टा बाजार को ज्यादा रिस्क दिखाई दे रहा है। इसलिए कांग्रेस का भाव ज्यादा है। सट्टा बाजार ने चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 115 से 118 सीट मिलने का दावा किया था। जबकि उस समय भाजपा 110 और 112 सीटें लाने की स्थिति में दिखाई दे रही थी। लेकिन 17 नवंबर को जैसे ही मतदान हुआ, कई सीटों पर उलट फिर की संभावना बन गई। सट्टा बाजार के मुताबिक अब भाजपा की सीटों का आंकड़ा 114 से 116 सीटों तक आ गया है। उधर, कांग्रेस 110 से 114 सीटों पर थमती हुई दिख रही है।
राजनीतिक मामलों में सट्टा लगाने वाले एक सटोरिेये ने नाम नाम प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि चुनावी माहौल में सट्टा बाजार का आकलन कई बार 90 प्रतिशत तक ठीक बैठता है। यही स्थिति मध्य प्रदेश में भी हो सकती है। पहले कांग्रेस को अनुमान था, अब भाजपा आगे बढ़ रही है इसलिए सट्टा बाजार भी रिस्क लेने से बच रहा है।


