मऊगंज में नकली चांदी देकर असली चांदी ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में चार महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सर्राफा दुकान पर असली चांदी के जेवर खरीदकर बदले में नकली गिलेट के आभूषण देकर फरार होने की फिराक में थे। लेकिन दुकानदार की सतर्कता से पूरा खेल बिगड़ गया।वी ओ 01……..दरअसल, 5 सितंबर को मऊगंज के ग्राम पटेहरा स्थित एक सर्राफा दुकान पर चार महिलाएं पहुंचीं। महिलाओं ने करीब 60 ग्राम चांदी के नए आभूषण खरीदे, जिनकी कीमत लगभग 14 हजार 800 रुपये थी। भुगतान के दौरान महिलाओं ने दुकानदार को करीब 180 ग्राम पुराने चांदी के आभूषण दिए। लेकिन दुकानदार को इनकी शुद्धता पर शक हुआ।इसके बाद जब आभूषणों की जांच कराई गई तो सच्चाई सामने आ गई। जिसे असली चांदी बताकर दिया गया था, वह दरअसल गिलेट धातु के नकली आभूषण थे। यानी आरोपी असली चांदी के जेवर लेकर बदले में नकली धातु देकर ठगी करने की कोशिश कर रहे थे।मामले की सूचना पुलिस को दी गई, डायल-112 की मदद से पुलिस ने इलाके में घेराबंदी शुरू की। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मिर्जापुर जाने वाली बस से प्रियंका सोनी और गुंजा सोनी को गिरफ्तार किया, जबकि ललिता सोनी को ग्राम पटेहरा से पकड़ा गया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने गिरोह के दो और सदस्यों रमिता चौरसिया और उसके भाई मोहचंद्र चौरसिया को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में कुल पांच आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ गए।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 60 ग्राम असली चांदी, 14 हजार 800 रुपये नकद, 180 ग्राम नकली गिलेट के आभूषण और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के तार मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इससे पहले कितने सर्राफा कारोबारियों को इसी तरीके से अपना निशाना बनाया है और इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।


