पन्ना के पेराहा में वन भूमि से कब्जा हटाने के दौरान खूनी संघर्ष, 20 से 25 ग्रामीणों सहित दो वनकर्मी घायल

पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल अंतर्गत अजयगढ़ रेंज के ग्राम पेराहा में वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने गई वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में महिलाओं समेत दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल पन्ना और अजयगढ़ रेफर किया गया। इस झड़प में दो वनकर्मी भी घायल हुए हैं।

ग्राम पेराहा स्थित करीब 30 हेक्टेयर वन भूमि पर पटेल समाज के लोग लंबे समय से खेती कर रहे थे। पूर्व में भी विवाद के कारण कब्जा नहीं हटाया जा सका था। इस बार छतरपुर और पन्ना रेंज के अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। विभाग द्वारा भूमि को मुक्त कराकर आनन-फानन में पौधरोपण कराया जा रहा था, जिसका ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया और मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

अस्पताल में भर्ती ग्रामीण विनोद पटेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व नोटिस के सुबह-सुबह जबरन कार्रवाई की और विरोध करने पर महिलाओं तथा ग्रामीणों की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की गई। इस मारपीट में सोना पटेल, विनोद पटेल, दिनेश पटेल, राधा पटेल और रजनीश पटेल सहित 20 से अधिक लोग घायल हो गए। दूसरी ओर, वन विभाग का कहना है कि ग्रामीणों के अचानक हुए हमले में देवेंद्रनगर के वन रक्षक बसंत लाला वर्मा और पवई रेंज की वनपाल भारती कुमारी घायल हो गए। फिलहाल, प्रशासन ने इलाके में स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है और पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

पन्ना के पेराहा में वन भूमि कब्जा हटाने के दौरान खूनी झड़प।2.करीब 20 से 25 ग्रामवासियो सहित 2 वनकर्मी घायल।3.अजयगढ़ रेंज में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों का हमला। 4.दोनो पक्षो की शिकायत पर पुलिस कर रही मामले की जांच।

पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल अंतर्गत अजयगढ़ रेंज के ग्राम पेराहा में वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने गई वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में महिलाओं समेत दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल पन्ना और अजयगढ़ रेफर किया गया। इस झड़प में दो वनकर्मी भी घायल हुए हैं।

ग्राम पेराहा स्थित करीब 30 हेक्टेयर वन भूमि पर पटेल समाज के लोग लंबे समय से खेती कर रहे थे। पूर्व में भी विवाद के कारण कब्जा नहीं हटाया जा सका था। इस बार छतरपुर और पन्ना रेंज के अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। विभाग द्वारा भूमि को मुक्त कराकर आनन-फानन में पौधरोपण कराया जा रहा था, जिसका ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया और मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

अस्पताल में भर्ती ग्रामीण विनोद पटेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व नोटिस के सुबह-सुबह जबरन कार्रवाई की और विरोध करने पर महिलाओं तथा ग्रामीणों की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की गई। इस मारपीट में सोना पटेल, विनोद पटेल, दिनेश पटेल, राधा पटेल और रजनीश पटेल सहित 20 से अधिक लोग घायल हो गए। दूसरी ओर, वन विभाग का कहना है कि ग्रामीणों के अचानक हुए हमले में देवेंद्रनगर के वन रक्षक बसंत लाला वर्मा और पवई रेंज की वनपाल भारती कुमारी घायल हो गए। फिलहाल, प्रशासन ने इलाके में स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है और पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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