गुना जिले के औद्योगिक विकास को अब एक नई उड़ान मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश के गुना में 1260 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश से देश का पहला अति-उच्च शुद्धता वाला सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए मुंबई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ जैन के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनी है। इस निवेश से न केवल गुना की औद्योगिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। कंपनी का लक्ष्य अप्रैल 2029 से संयंत्र में व्यावसायिक उत्पादन शुरू करना है।राघौगढ़ तहसील के चैनपुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित होने वाला यह संयंत्र विजयपुर स्थित गेल के नजदीक विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए करीब 40 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। गैस निर्माण प्रक्रिया के लिए जरूरी प्राकृतिक गैस की आपूर्ति गेल की मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से सुनिश्चित करने की योजना है। इससे संयंत्र के संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इस परियोजना की जानकारी देते हुए गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने इसे जिले के लिए बड़ी औद्योगिक सौगात बताया है। उन्होंने कहा कि 1260 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली यह इकाई जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। संयंत्र के माध्यम से लगभग 320 से 350 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा, निर्माण कार्य, परिवहन, आपूर्ति और अन्य सहायक गतिविधियों के जरिए भी स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।सबसे खास बात यह है कि इस परियोजना का लाभ केवल गुना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी। वर्तमान में सेमीकंडक्टर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अति-उच्च शुद्धता की सिलेन गैस के लिए भारत काफी हद तक आयात पर निर्भर है। गुना में इस गैस का उत्पादन शुरू होने के बाद प्रतिवर्ष लगभग 350 करोड़ रुपये के आयात का विकल्प तैयार होने का अनुमान है। इससे विदेशी निर्भरता कम करने और घरेलू औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।अब सवाल यह है कि आखिर सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस इतनी महत्वपूर्ण क्यों है दरअसल, सेमीकंडक्टर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली ऐसी सामग्री है, जिसके आधार पर माइक्रोचिप और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट तैयार किए जाते हैं। आज स्मार्टफोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, इलेक्ट्रिक वाहन, मेडिकल उपकरण, विमानन तकनीक और रक्षा प्रणालियों तक में सेमीकंडक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन चिप्स के निर्माण के दौरान सिलिकॉन की बेहद पतली परतें तैयार करने के लिए उच्च शुद्धता वाली सिलेन गैस का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इस गैस का घरेलू उत्पादन भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। दुनिया भर में इलेक्ट्रॉनिक चिप्स की बढ़ती मांग के बीच इस तरह की परियोजनाएं भारत को वैश्विक तकनीकी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर देती हैं।गुना में इस संयंत्र की स्थापना से जिले को हाईटेक उद्योगों के नक्शे पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार पाने के अवसर मिल सकते हैं। बड़े निवेश से आसपास के क्षेत्रों में परिवहन, निर्माण, सेवाओं और अन्य कारोबारी गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
बाइट – किशोर कुमार कन्याल कलेक्टर गुना


