A significant number of ISIS terrorists are present in Kerala, Karnataka: UN report

नई दिल्ली: चीन से एलएसी पर चल रहे तनाव के बीच आतंकी संगठन अलकायदा (Al Qaida) पाकिस्तान (Pakistan)की शह पर भारत (India)पर बड़े आतंकी हमले की प्लानिंग कर रहा है. इसके लिए उसने अफगानिस्तान (Afganistan) के अलग- अलग इलाकों में करीब 6500 आतंकियों को हथियारों का प्रशिक्षण तेज कर दिया है.  प्रशिक्षण लेने वालों में भारत के केरल- कर्नाटक में छिपकर रह रहे ISIS के कई आतंकी भी शामिल हैं. इनके अलावा म्यामांर के रोहिंग्या मुस्लिम, पाकिस्तान और बांग्लादेश के आतंकी भी इन ट्रेनिंग कैंपों में शामिल हैं. यह खुलासा आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र (UN)की ओर से जारी एक रिपोर्ट में किया गया है. 

संयुक्त राष्ट्र संघ की विश्लेषणात्मक सहायता एवं प्रतिबंध निगरानी दल की 26वीं रिपोर्ट में कहा गया कि अलकायदा से जुड़े पाकिस्तान के करीब 600- 6500 आतंकी इन दिनों अफगानिस्तान के अल कायदा शिविरों में ट्रेनिंग ले रहे हैं. इनमें से अधिकतर आतंकी तहरीक ए तालिबान (TTP)से जुड़े हैं. अफगानिस्तान में अल कायदा इन द इंडियन सब- कॉन्टिनेंट (AQIS) तालिबान के तहत काम करता है. तालिबान का अफगानिस्तान के कंधार, निमरूज और हेलमंड प्रांत के हिस्सों में असर है. फिलहाल AQIS को ओसामा महमूद लीड कर रहा है. उससे पहले असीम उमर इस आतंकी संगठन का नेता था. जिसे एक ऑपरेशन में मार गिराया गया था. असीम उम्र की मौत का बदला लेने और इस्लाम का ध्वज फहराने के लिए अब अफगानिस्तान, भारत और अमेरिका में बड़े आतंकी हमले की साजिश रची जा रही है.  

रिपोर्ट के मुताबिक तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP)अफगानिस्तान का बड़ा आतंकी समूह है. जिसने अफगानिस्तान और पाकिस्तान में कई बड़े आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली है. रिपोर्ट कहती है कि इस आतंकी संगठन के पाकिस्तान के जमात उल अहरार और लश्कर ए इस्लाम से भी गहरे रिश्ते हैं. तहरीक ए तालिबान के कई आतंकी इराक में इस्लामिक स्टेट से भी जुड़े हैं. इन्होंने वहां पर इस्लामिक स्टेट खुरासान गुट (ISIL-K)का गठन किया. जिसका मकसद इराक- सीरिया के बाहर बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देना है. 

रिपोर्ट के अनुसार अलकायदा के 6500 आतंकियों के अलावा दूसरे संगठनों के आतंकी भी अफगानिस्तान में सक्रिय हैं. इनमें ISIL-K के आतंकी भी बड़ी मात्रा में अफगानिस्तान में हैं. यूएन की यह रिपोर्ट एक पखवाड़े पहले भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र संघ में उठाए गए उस सवाल के बाद आई है. जिसमें भारत ने पूछा था कि पाकिस्तान दुनिया में आतंक का केंद्र क्यों है? यहां पर दुनिया भर के आतंकियों का कनेक्शन क्यों मिलता है ? भारत ने विश्व समुदाय से मांग की थी कि वह पाकिस्तान पर ठोस दबाव डाले और उसे अपनी जमीन से आतंकी गतिविधियां खत्म करने के लिए मजबूर करे. बतातें चले कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले महीने पहले सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि उसके यहां करीब 40 हजार आतंकी मौजूद हैं. जो पड़ोसी देशों में हमले में शामिल रहते हैं. 

जानकारी के मुताबिक अल कायदा अफगानिस्तान के 12 प्रांतों में मौजूद है और इसका नेता आयमन अल जवाहिरी अब भी अफगानिस्तान के किसी गुप्त स्थान से इस आतंकी संगठन को चला रहा है. जवाहिरी के तालिबान हक्कानी नेटवर्क के साथ भी करीबी संबंध बताए जाते हैं. इस साल फरवरी में जवाहिरी ने हक्कानी नेटवर्क के याहया हक्कानी से मुलाकात की थी और दोनों संगठनों का प्रभाव बढ़ाने पर चर्चा की थी.

अफगानिस्तान की स्पेशल फोर्सेज ने इस साल अप्रैल में देश में सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ देश व्यापी अभियान शुरू किया था. जिसमें ISIL-K लीडर असलम फारूकी उर्फ अब्दुल्ला ओरकजई, उसके उत्तराधिकारी जिया उल हक उर्फ अबू उमर खुरासानी को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद से ISIL-K के आतंकी भी अपनी ताकत दिखाकर इन गिरफ्तारियों का बदला लेना चाहते हैं. साथ ही अफगानिस्तान को अपना बेस बनाकर दुनिया में अपना प्रभाव भी बढ़ाना चाहते हैं. यह संगठन तालिबान के उन असंतुष्ट आतंकियों को भी अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रहा है. जो अमेरिका और तालिनान के बीच समझौते के लिए चल रही बातचीत से नाखुश हैं. 

संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट के मुताबिक अल कायदा (ISIL-K) ने मालदीव में भी अपनी जड़ें जमा ली हैं.  इस साल 15 अप्रैल को मालदीव के माहिबधू बंदरगाह पर अलकायदा ने पहली बार हमला करते हुए 5 सरकारी स्पीड बोट को नुकसान पहुंचाया. बाद में अल कायदा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घोषणा की कि उसने यह अटैक मालदीव में सरकार की ओर से देश में बढ़ रही चरमपंथी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी की जांच का आदेश देने के विरोध में किया था. मालदीव में पहली बार हुए इस आतंकी हमले के बाद अब वहां पर युवाओं में कट्टरपन बढ़ने और जिहादी गतिविधि शुरू होने की आशंका जताई जा रही है.




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