स्कॉर्पियो से युवक का अपहरण कर बर्बरता, पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचकर निकाला जुलूस

दतिया में खूनी जमीन विवाद: स्कॉर्पियो से युवक का अपहरण कर बर्बरता, पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचकर निकाला जुलूस

दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में जमीन के एक पुराने और गहरे विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। 10 बीघा उपजाऊ जमीन के कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच चली आ रही रंजिश इतनी बढ़ गई कि एक पक्ष ने फिल्मी अंदाज में युवक का अपहरण कर लिया और लाठी-डंडों व फर्से से उसकी हड्डियां तोड़कर उसे मरा हुआ समझकर सड़क किनारे फेंक दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद हरकत में आई दतिया कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

खास बात यह रही कि पुलिस ने अपराधियों के मन से कानून का खौफ पैदा करने और आम जनता में सुरक्षा का भाव मजबूत करने के लिए गिरफ्तार आरोपियों का बाजार में जुलूस निकाला, जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।क्या है पूरा घटनाक्रम?पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महेवा गांव निवासी 24 वर्षीय पवन यादव अपने भाई संजय यादव के साथ किसी कानूनी सलाह के लिए वकील से मिलकर अपनी बाइक से वापस घर लौट रहा था। जैसे ही वे रास्ते में थे, पीछे से आ रही एक स्कॉर्पियो कार (जिस पर पुलिस लिखा हुआ था) ने उनकी बाइक को ओवरटेक कर जबरन रोक लिया।

स्कॉर्पियो से उतरे दबंगों ने दोनों भाइयों के साथ गाली-गलौज और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह संजय यादव वहां से जान बचाकर भागने में सफल रहा, लेकिन मुख्य आरोपी पवन को जबरन घसीटते हुए स्कॉर्पियो में डालकर अपने साथ अगवा कर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तत्काल सरगर्मी से तलाश शुरू की। रात करीब 8 बजे पुलिस को सूचना मिली कि लक्ष्मणपुरा गांव के पास सड़क किनारे एक युवक गंभीर हालत में पड़ा है। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने देखा कि पवन यादव के हाथ-पैर बुरी तरह टूटे हुए थे और शरीर पर गहरे घाव थे। उसे तुरंत इंदरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र और फिर गंभीर हालत के चलते दतिया जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

10 बीघा जमीन की पुरानी रंजिश बनी खूनी संघर्ष की वजह

जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरी वारदात के पीछे लगभग 10 बीघा जमीन का पुराना विवाद है। पवन यादव और आरोपियों के बीच काफी समय से जमीन के मालिकाना हक को लेकर तनातनी चल रही थी। स्थिति तब और पेचीदा हो गई जब पवन के चाचा ने अपनी जमीन उक्त आरोपियों को बेच दी और खुद गांव छोड़कर चले गए।लेकिन, दूसरा पक्ष यानी पवन यादव उस जमीन पर कानूनी और कागजी दांवपेंच के साथ अपना कब्जा जमाए बैठा था और आरोपियों को जमीन पर दखल नहीं देने दे रहा था। इसी बात की खुन्नस में आरोपियों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में पहले ही आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया था।

वायरल वीडियो ने खोली आरोपियों की पोल, पुलिस ने चार को दबोचा

गनीमत यह रही कि जिस वक्त आरोपियों द्वारा पवन का अपहरण और मारपीट की जा रही थी, वहां से गुजर रहे कुछ स्थानीय लोगों ने इस पूरी घटना का अपने मोबाइल कैमरों में वीडियो बना लिया था। यही वीडियो पुलिस के लिए इस हाई-प्रोफाइल मामले में सबसे बड़ा सुबूत साबित हुआ। वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई। दतिया SDOP आकांक्षा जैन ने बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी मदद और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए निचरोली रोड से चार मुख्य आरोपियों, दशरथ यादव, शैलेन्द्र यादव, संजू यादव और राघवेंद्र यादव (सभी निवासी ग्राम महेवा) को धर दबोचा। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी, लाठी-डंडे और फर्सा भी बरामद कर लिया है।

अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारीपुलिस ने पकड़े गए आरोपियों का बाजार में जुलूस निकालकर यह कड़ा संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों और अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। SDOP ने बताया कि इस वारदात में कुछ अन्य आरोपी भी शामिल हैं जो फिलहाल फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि फरार साथियों की भूमिका और अन्य अवैध हथियारों के स्रोतों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई जा सके। इस घटना के बाद से महेवा गांव और आसपास के इलाकों में सनसनी फैली हुई है।

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