AAP MP Sanjay Singh ask questions to modi government on Ladakh Clash – लद्दाख संघर्ष पर आप सांसद संजय सिंह के केंद्र सरकार से तीखे सवाल, कहा-ऐसे गंभीर मसले पर झूठ क्‍यों..

लद्दाख संघर्ष पर 'आप' सांसद संजय सिंह के केंद्र सरकार से तीखे सवाल, कहा-ऐसे गंभीर मसले पर झूठ क्‍यों..

लद्दाख मुद्दे पर आप सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं

नई दिल्ली:

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन (India-China Standoff) के सैनिकों के बीच हिंसक संघर्ष (Ladakh Clash) के मुद्दे पर विचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक  (PM’s All-Party Meeting) बुलाई है. बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी और माकपा सहित देश की कई प्रमुख पार्टियों के प्रतिनिधि हिस्‍सा लेंगे लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) और राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) की को इस बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है. सर्वदलीय बैठक के पहले आप सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेस की और हिंसक संघर्ष मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कई तीखे सवाल पूछे. संजय सिंह ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग में कहा, ‘आज देश के PM भारत चीन सीमा विवाद को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं लेकिन उससे पहले कुछ सवाल हैं.

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आप सांसद ने कहा, ‘एक ऐसी घटना सामने आई जिससे आज देश आक्रोशित है, लेकिन केंद्र सरकार का रवैया अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.पहले 3 जवान शहीद हुए हैं, फिर कहा गया 20 जवान.फिर कहा गया कोई जवान चीन के कब्जे के नहीं है लेकिन कल मीडिया के ज़रिए जानकारी मिली कि 10 जवानों को छुड़ाया गया है.मेरा सवाल है कि ऐसे गंभीर मसले पर सरकार झूठ क्यों बोल रही है. ये देश की जनता के साथ विश्वासघात है.’

संजय सिंह ने कहा, ‘किस वजह से जवानों को बंधक बनाए जाने की खबर छुपाई गई.देश आक्रोशित है. देश सच जानना चाहता है.हम जवानों के साथ खड़े हैं, इस पर कोई राजनीति नहीं करना चाहते. भारत की सरकार चीन से बदला ले. हमारे जवानों की शहादत का प्रधानमंत्री मुंहतोड़ जवाब दें. हमारी पार्टी प्रधानमंत्री के साथ खड़ी है इस फैसले में भारत की जो ज़मीन चीन के कब्जे में हैं वो वापस ली जाये और 1 अप्रैल से पहले की स्थिति बहाल की जाए.

शुक्रवार की सर्वदलीय बैठक में AAP को न बुलाने पर के मुद्दे पर आप सांसद ने कहा, ‘ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे राष्ट्रीय संकट के समय पर एक ऐसी पार्टी जिसके मुख्यमंत्री को दिल्ली की जनता ने 3 बार चुना है, को नहीं बुलाया गया. क्या बीजेपी के नेता उनको महत्वपूर्ण नहीं मानते, उनकी राय नहीं चाहते.हम हर राष्ट्रीय आपदा में देश के साथ खड़े रहते हैं. बैठक में कम से कम पांच सांसद वाली पार्टी को बुलाने के स्‍पष्‍टीकरण पर उन्‍होंने कहा, ‘5 सांसद का क्राइटेरिया भी गलत हैलेकिन ये किस संविधान में लिखी है.डेमोक्रेसी की कौन सी परिभाषा है.आप खुद जांच लें कि उस लिस्ट में 5 सांसद वाली कौनसी पार्टियां हैं और कौनसी नहीं… ये सरकार को तय करना चाहिए कि उनको सबको साथ लेकर चलना है या नहीं.’


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