इंदौर। मध्यप्रदेश में भाजपा को दो साल बाद बड़ी कानूनी राहत मिली है। इंदौर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-44 के पार्षद पद को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया है। इंदौर हाईकोर्ट ने भाजपा पार्षद निष्ठा रूपेश देवलिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जिला अदालत के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें निर्वाचन शून्य घोषित कर कांग्रेस प्रत्याशी को विजेता माना गया था।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिला अदालत द्वारा दिया गया फैसला विधिसम्मत नहीं था। इसके साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी नंदिनी मिश्रा की याचिका को खारिज कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 के नगर निगम चुनाव में निष्ठा रूपेश देवलिया को जीत मिली थी, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी ने संपत्ति विवरण में कथित त्रुटियों का हवाला देते हुए परिणाम को चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद वार्ड-44 में दो वर्षों से चला आ रहा विवाद समाप्त हो गया है और भाजपा की जीत पर अंतिम मुहर लग गई है।